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31 अक्तूबर, 2020|6:55|IST

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झारखण्ड में 1932 का खतियान लागू करने पर दिया गया जोर

झारखण्ड में 1932 का खतियान लागू करने पर दिया गया जोर

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के बैनर तले सोमवार को गांधी चौक, पथरचपटी समेत कई स्थानों पर सदगीपूर्ण ढंग से हूल दिवस मनाया गया। झामुमो के मधुपुर विधानसभा प्रभारी हफीजुल हसन समेत पार्टी नेता व कार्यकर्ताओं ने सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो को नमन करते हुए उनकी तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। संथाल हूल के शहीदों को याद करते हुए कहा कि संताल हूल के कारण आज संताल परगना के मूलवासी और आदिवासियों के पास जीविका चलाने के लिए अपनी जमीन बची है। झारखण्ड में आदिवासी व मूलवासियों की अस्तित्व की रक्षा के लिए वर्ष 1932 का खतियान लागू करने पर जोर दिया।

मौके पर नगर अध्यक्ष जयप्रकाश मंडल, जिप सदस्य दिनेश्वर किस्कु, शाकिर अली, गुलाम अशरफ, अरविंद यादव, पार्षद निताई सोरेन, मुश्ताक अहमद, अल्ताफ हुसैन, गोविंद प्रसाद यादव, नंदा यादव, हाजी अल्ताफ हुसैन, राजेश दास, मो. शाहिद उर्फ फेकू, अजय सिंह, सपन मिश्रा, सुन्दरी यादव, मोरिफ खान, शमीम, लखन किस्कू, रंजीत दास, प्रकाश दास, मोहम्मद अली, गंगा दास, मुर्तजा अंसारी, जुगल यादव, मामू यादव, समीर आलम आदि उपस्थित थे।

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  • Web Title:Emphasis was laid on the implementation of the 1932 Khatian in Jharkhand