साइबर ठगी का पैसा खपाने की साजिश नाकाम

Apr 22, 2026 01:32 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देवघर
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देवघर के स्टेशन रोड पर एक ज्वेलरी दुकान में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। एक युवक ने संदिग्ध तरीके से सोना खरीदने की कोशिश की, जिसे दुकानदार की सतर्कता से पकड़ा गया। दुकानदार ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई, और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

साइबर ठगी का पैसा खपाने की साजिश नाकाम

देवघर, प्रतिनिधि। साइबर ठगी के पैसे खपाने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। शहर के स्टेशन रोड स्थित शनि मंदिर के पास ज्वेलरी दुकान में संदिग्ध तरीके से सोना खरीदने पहुंचे युवक को दुकानदार की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया। मामले में साइबर थाना में शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड अवस्थित राजेंद्र ज्वेलर्स मालिक विजय कुमार ने साइबर थाना में लिखित शिकायत देकर बताया कि 20 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे एक युवक दुकान पर आया। युवक ने खुद को संतोष क्षेत्री उम्र करीब 35 वर्ष निवासी बरमसिया, रिफ्यूजी कॉलोनी, नगर थाना क्षेत्र बताया।

युवक ने दुकान पर पहुंचकर 24 कैरेट सोने का 20 ग्राम का सिक्का खरीदने की इच्छा जताई। दुकानदार ने उस समय का रेट करीब 1.66 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम बताया, जिसपर वह सहमत हो गया और एटीएम कार्ड से भुगतान की बात कही। उसी दौरान युवक ने अपने पास मौजूद एटीएम कार्ड के जरिए दुकानदार के एचडीएफसी बैंक के करंट अकाउंट में एक लाख रुपये का ट्रांजेक्शन कर दिया। उसके बाद शेष राशि भी कार्ड से ही भुगतान करने की बात कहने लगा। दुकानदार को उस समय शक हुआ जब उसने कार्ड की जांच की। कार्ड पर आनंदी इंटरप्राईजेज अंकित था। जब दुकानदार ने संबंधित कंपनी के प्रोप्राइटर का आधार और पैन कार्ड मांगा, तो स्पष्ट जवाब नहीं दे सका और बार-बार अपनी बात बदलने लगा। पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि कार्ड किसी आनंदी कुमार का है, जो कभी दिल्ली तो कभी जसीडीह का निवासी बताया जा रहा था। संदेह गहराने पर दुकानदार ने उससे आईडी कार्ड दिखाने कहा, लेकिन युवक के पास कोई पहचान पत्र नहीं था। इस बीच वह लगातार मोबाइल पर किसी से बातचीत करता रहा। उसके बाद युवक ने अपने एक साथी के माध्यम से आनंदी कुमार का आधार कार्ड व्हाट्सएप पर दुकानदार के स्टाफ के मोबाइल पर मंगाया और कहा कि संबंधित व्यक्ति आधे घंटे में दुकान पर पहुंच जाएगा। हालांकि, एक घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई नहीं आया। बाद में युवक ने बहाना बनाकर कहा कि अगली सुबह 11 बजे वह व्यक्ति आएगा। संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए दुकानदार ने तुरंत इसकी सूचना साइबर थाना को दी। मंगलवार को भी जब युवक का साथी दुकान पर नहीं पहुंचा, तो दुकानदार ने युवक को थाना के सुपुर्द कर दिया। साथ ही उसके पास से बरामद जियो कंपनी का कीपैड मोबाइल और इंडियन ओवरसीज बैंक का एटीएम कार्ड भी पुलिस को सौंप दिया। दुकानदार ने आवेदन में आशंका जताई है कि पूरा मामला साइबर ठगी से जुड़े पैसे खपाने का है। कहा कि पहले एक लाख रुपए उनके खाते में डाला गया और फिर तीन लाख रुपए और डालकर सोना खरीदने की योजना थी, ताकि ठगी के पैसे को वैध बनाया जा सके। मामले में तीन लोगों की संलिप्तता की बात सामने आई है जिसमें संतोष क्षेत्री, दूसरा उसका फरार साथी आनंदी कुमार जो जसीडीह क्षेत्र का व तीसरा एक मोबाइल नंबर धारक जिससे वह लगातार संपर्क में था। फिलहाल साइबर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एटीएम कार्ड का असली मालिक कौन है और ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल की गई राशि का स्रोत क्या है। पुलिस ने आरोपी संतोष क्षेत्री की स्वास्थ्य जांच कराने के बाद कोर्ट में पेशी कर न्यायाधीश के आदेश पर जेल भेज दिया।

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