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देवघर

तेजस्विनी क्लब युवा उत्प्रेरक के प्रयास से रुका बाल विवाह

हिन्दुस्तान टीम,देवघरPublished By: Newswrap
Thu, 23 Sep 2021 11:01 PM
तेजस्विनी क्लब युवा उत्प्रेरक के प्रयास से रुका बाल विवाह

देवघर। यह कहानी है देवघर जिला अंतर्गत मोहनपुर प्रखंड के मोरने पंचायत में रहने वाली 14 वर्षीया किशोरी की। किशोरी तीन बहनें हैं। बड़ी बहन की शादी लग गयी तो गरीबी और अज्ञानता के कारण साथ ही खर्च भी कम हो इसलिए घरवालों ने सोचा की क्यों न उसका भी विवाह साथ ही कर दिया जाय। घरवालों ने किशोरी के लिए भी लड़का देखना शुरू कर दिया, जबकि किशोरी की उम्र शादी लायक नहीं हुई थी। अभी महज़ 14 वर्ष की हुई थी।

इसी दरम्यान घरवालों ने उससे दुगने उम्र के लड़के को पसंद भी कर लिया। किशोरी तेजस्विनी क्लब से जुड़ी हुई थी और क्लब की सक्रिय सदस्या थी। तेजस्विनी क्लब के युवा उत्प्रेरक द्वारा दी हुई प्रशिक्षण में उसे पता था की शादी की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। वह 14 साल की थी और अभी पढ़ना चाहती थी। वहीं घरवाले गरीबी के कारण दोनों बेटी की शादी एक साथ करना चाहते थे।

जब शादी के बारे में किशोरी द्वारा तेजस्विनी क्लब के युवा उत्प्रेरक अर्चना को बताया तो युवा उत्प्रेरक उसके घर गयी व घरवालों को समझाया कि कम उम्र में लड़कियों की शादी कर देने से किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बावजूद घरवाले नहीं माने। तब युवा उत्प्रेरक ने किशोरी के घरवालों को बताया कि बाल विवाह कानून जुर्म है और इस जुर्म हेतु कई कठोर कानून भी है।

बहुत समझाने के बाद घरवाले माने और किशोरी बाल विवाह से बच गयी। इस दरम्यान उसकी दादी तेजस्विनी क्लब सदस्यों व युवा उत्प्रेरक अर्चना कुमारी से बोली अभी उसकी शादी नहीं करेंगें। कुछ दिनों के बाद घरवालों को पता चला की जिस लड़के से उसकी शादी लग रही थी उसपर पुलिस केस चल रहा था। बताते चलें कि उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की पहल पर तेजस्वनी योजना में कार्यरत ब्लॉक कॉर्डिनेटर, फील्ड कॉर्डिनेटर, युथ फैसिलिटेटर, क्लस्टर कॉर्डिनेटर, संगी, तेजस्वनी क्लब सदस्यों द्वारा बाल विवाह रोकने में उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है।

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