योग्यता व कौशल से विश्व को बदलने का प्रयास करते हैं विद्यार्थी : रवि कुमार
- रामकृष्ण विवेकानंद विद्या मंदिर जसीडीह में मेधोनमेश 2025-26 का भव्य आयोजन रामकृष्ण विवेकानंद विद्या मंदिर जसीडीह में हर्षोल्लास के साथ वार्षिक पुरस्

रामकृष्ण विवेकानंद विद्या मंदिर जसीडीह में हर्षोल्लास के साथ वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह मेधोनमेश 2025-26 का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि एसडीओ देवघर रवि कुमार रहे। विद्यालय के बैंड दल द्वारा कक्षा 7 के छात्र कृष्णकांत कुमार के नेतृत्व में मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आरके मिशन विद्यापीठ देवघर के प्राचार्य स्वामी दिव्यसुदानंद एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों में देवघर सहोदया स्कूल कॉम्पलेक्स के अध्यक्ष राम सेवक गुंजन तथा फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट देवघर के प्राचार्य डॉ.नृपेंद्र लिंगवाल मौजूद रहे। समारोह का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। उसके बाद आरकेवीवीएम विद्यालय गीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
स्वागत भाषण कक्षा 3 एवं कक्षा 4 के दो विद्यार्थियों द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मेट्रो मैश-अप तथा स्थानीय भक्ति-गीत बाबा बैद्यनाथ हम अइयल छी…....के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छावा, नैना जैसे नृत्य-नाट्य तथा योग प्रदर्शन ने विद्यार्थियों की कला एवं शारीरिक संतुलन का प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न भाषाओं में नाट्य प्रस्तुतियां दी। हिंदी नाटक में आज के युवाओं की चुनौतियों एवं संभावनाओं को दर्शाया गया, वहीं अंग्रेज़ी एवं संस्कृत नाटकों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों की आज के समय में प्रासंगिकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। बंगाली नाटक चोखे आंगुल दादा… ने हास्य के माध्यम से सामाजिक संदेश दिया। विद्यालय के प्राचार्य सेट्टू वी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों व पाठ्यक्रम गतिविधियों एवं समग्र विकास की विस्तृत जानकारी दी। मौके पर मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों से अपने भविष्य के प्रति समय रहते सही निर्णय लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी अध्ययन में उत्कृष्ट होते हैं, वे अपनी योग्यता एवं कौशल से विश्व को बदलने का प्रयास करते हैं। जबकि कुछ अन्य विश्व के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतियोगिताओं में भाग लेने के महत्व पर बल देते हुए कहा कि विजेता और पराजित दोनों ही एक ही व्यवस्था के अभिन्न अंग हैं। विशिष्ट अतिथि स्वामी दिव्यसुदानंद ने ब्लैकबोर्ड से ब्रह्मांड तक नाटक में स्वामी विवेकानंद के चरित्र के समावेश की प्रशंसा की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों से विद्यार्थियों के समग्र एवं चरित्र-निर्माण आधारित विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया। कंचन बनर्जी उप-प्राचार्य ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। अंत में सत्र भर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में वाद-विवाद, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन आदि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
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