Deogarh News: 48 घंटे के संकीर्तन से भक्तिमय हुआ मंडल कारा
Deogarh News: देवघर, प्रतिनिधि।मंडल कारा देवघर में गुरुवार से शुरू हुआ 48 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन लगातार जारी है। धार्मिक अनुष्ठान को लेकर कारा परिसर में भक्

Deogarh News: देवघर, प्रतिनिधि। मंडल कारा देवघर में गुरुवार से शुरू हुआ 48 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन लगातार जारी है। धार्मिक अनुष्ठान को लेकर कारा परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। बंदी वार्ड स्थित शिवलिंग के समीप पहले चरण में 24 घंटे तक अखंड हरिनाम संकीर्तन किया जा रहा है। इसके बाद कारा परिसर के बाहर स्थित मंदिर में अगले 24 घंटे तक संकीर्तन होगा। इस तरह लगातार 48 घंटे तक भगवान के नाम का जाप, भजन और कीर्तन चलता रहेगा। कारा प्रशासन के अनुसार अखंड हरिनाम संकीर्तन मंडल कारा में वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आयोजन की शुरुआत निर्धारित विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद की गई। संकीर्तन में कारा प्रशासन के साथ बंदी भी अपनी आस्था के अनुसार सहभागी बन रहे हैं। इस क्रम में परंपरानुसार श्रावण पूर्णिमा पर बाबा बासुकीनाथ मंदिर पुष्प शृंगार मुकुट भेजा गया। यह हर साल मंडल कारा से पूरे सम्मान के साथ भेजा जाता है।
शिवलिंग के समीप शुरू हुआ पहला चरण :-
संकीर्तन के पहले चरण में बंदी वार्ड स्थित शिवलिंग के समीप 24 घंटे तक अखंड हरिनाम किया जा रहा है। इसके बाद दूसरे चरण में कारा परिसर के बाहर स्थित मंदिर में 24 घंटे तक धार्मिक अनुष्ठान चलेगा। आयोजन के दौरान पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लगातार भजन-कीर्तन से कारा परिसर में आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। कारापाल प्रमोद कुमार ने बताया कि अखंड हरिनाम संकीर्तन की शुरुआत विधि-विधान से की गई है। यह आयोजन पूर्वजों से चली आ रही परंपरा के तहत किया जाता है। इसका उद्देश्य कारा परिसर में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान अनुशासन और निर्धारित व्यवस्था का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है।
बाबा वैद्यनाथ से जुड़ी रही है परंपरा:-
मंडल कारा में धार्मिक आयोजन की परंपरा पुरानी रही है। कारा में समय-समय पर बाबा बैद्यनाथ से जुड़ी धार्मिक गतिविधियां आयोजित होती रही हैं। पूर्व में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर अखंड संकीर्तन के साथ बंदियों द्वारा बाबा वैद्यनाथ और बाबा बासुकीनाथ के लिए पुष्प मुकुट तैयार करने की परंपरा भी रही है। धार्मिक कार्यक्रमों में बंदियों की सहभागिता उन्हें आध्यात्मिक गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम भी बनती है।
सकारात्मक वातावरण बनाने की पहल :-
कारा प्रशासन का मानना है कि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों से बंदियों के बीच सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद मिलती है। हरिनाम संकीर्तन के दौरान बंदी भजन -कीर्तन और भगवान के नाम जाप में शामिल हो रहे हैं। इससे कारा परिसर का वातावरण भी भक्तिमय बना हुआ है। कारा पाल ने बताया कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 48 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन पूरा होने के बाद धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत समापन किया जाएगा। इस दौरान कारा प्रशासन की ओर से सुरक्षा, अनुशासन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
फोटो-28देव71,72- मंडल कारा के कारागार के अंदर शिवलिंग के पास पूजन कर संकीर्तन करते बंदी व अन्य।


