झारखंड की 2 राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस-JMM में खींचतान, INDIA गठबंधन में पड़ने वाली है दरार?

लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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राज्यसभा चुनाव के लिए दल अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर रहे हैं। लेकिन, इसी बीच इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच खींचतान दिखाई देने लगी है। ये रस्साकशी झारखंड की 2 सीटों पर दिखाई दे रही है। कांग्रेस और JMM आमने सामने हैं। सबसे बड़ा सवाल- क्या INDIA गठबंधन में पड़ने वाली है दरार?

झारखंड की 2 राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस-JMM में खींचतान, INDIA गठबंधन में पड़ने वाली है दरार?

Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में झारखंड से प्रणव झा को टिकट दिया गया है। लेकिन इस ऐलान के साथ ही INDIA गठबंधन के भीतर नई सियासी खींचतान शुरू होती दिखाई दे रही है। दरअसल, कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित करने के कुछ ही देर बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने राज्य की दोनों राज्यसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया।

JMM का आरोप है कि कांग्रेस ने सहयोगी दलों से चर्चा किए बिना ही प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड में INDIA गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक है? लाइव हिन्दुस्तान के साथ समझिए इस पूरे सियासी फसाद की कहानी।

दोनों सीट JMM को मिलनी चाहिए

झारखंड मुक्ति मोर्चा के जनरल सेक्रेटरी सुप्रियो भट्टाचार्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा- “झारखंड में राज्यसभा का चुनाव हेमंत सोरने के नेतृत्व में ही होगा। JMM के लोगों ने अपने केंद्रीय अक्ष्यक्ष हेमंत सोरेन जी से कहा है कि इस बार की दोनों सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार को ही मिलनी चाहिए। क्योंकि 2024 के बाद हम लगातार गठबंधन धर्म निभा रहे हैं। चूंकि हमारे नेतृत्व में झारखंड में सरकार चल रही है, गठबंधन में जीत मिल रही है। इसलिए पार्टी के नेताओं को ही राज्यसभा में जाना चाहिए।”

इस रस्साकशी में कांग्रेस का क्या तर्क

दरअसल, कांग्रेस का तर्क है कि गठबंधन की जीत में उसका भी योगदान है, इसलिए कम से कम एक सीट उसे मिलनी चाहिए। वहीं JMM मानती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी होने और सबसे बड़ा दल होने के नाते दोनों सीटों पर उसका दावा मजबूत है।

क्या बन रही गठबंधन टूटने की स्थिति?

अब कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इधर JMM ने भी ऐलान कर दिया है कि वह दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, क्योंकि उसे ही ये मोका मिलना चाहिए। इसके लिए पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन का अधिकार हेमंत सोरेन को दिया गया है। हालांकि गठबंधन टूटने जैसी स्थिति फिलहाल नहीं दिख रही। दोनों दल बातचीत से समाधान निकालने की बात भी कर रहे हैं।पत्रकारिता की भाषा में कहें तो यह "राज्यसभा सीट शेयरिंग को लेकर JMM बनाम कांग्रेस की रस्साकशी" है, जिसमें दोनों पार्टियां अपनी राजनीतिक हैसियत के हिसाब से हिस्सेदारी चाहती हैं।

2 सीटों पर होने हैं चुनाव, ऐसे हुईं खाली

आपको बताते चलें कि झारखंड से इस बार 2 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। इनमें एक सीट दिवंगत नेता शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई है और दूसरी सीट का कार्यकाल पूरा हो रहा है। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से सत्तारूढ़ INDIA गठबंधन (JMM, कांग्रेस, RJD आदि) दोनों सीटें जीत सकता है। लेकिन सीट किस पार्टी को मिले, इसी पर विवाद है।

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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