झारखंड में मंत्रियों के नाम को लेकर कहां तक पहुंची बात, कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष को बुलाया दिल्ली
- झामुमो भी मंत्रियों के नाम पर मंथन कर रहा है। इसमें युवाओं के साथ-साथ अनुभव को भी तरजीह दी जा रही है। जो चेहरे पिछली सरकार में थे उनके साथ-साथ दूसरे चहरों को भी आजमाया जा सकता है।

झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को शनिवार को दिल्ली से आलाकमान का बुलावा आया। इसके बाद वे दिल्ली चले गए। दिल्ली में पार्टी के संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल, प्रभारी गुलाम अहमद मीर और आला नेताओं के साथ मंत्रियों के नाम पर चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले केशव ने मुख्यमंत्री आवास जाकर सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की। वहीं झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र नौ दिसंबर से होगा। दिसंबर के पहले सप्ताह में ही मुख्यमंत्री कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष को बुलाया गया है दिल्ली
दिल्ली में कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के नाम पर मुहर लगने की संभावना है। केशव बैठक में प्रमंडलवार और जातिवार विधायकों की स्थिति स्पष्ट करेंगे। पिछले पांच साल में कैसे संताल परगना से दो और दक्षिणी छोटानागपुर व कोल्हान से एक-एक विधायक मंत्री रहे, उसके बारे में बताएंगे। ऐसे में इस बार पलामू और उत्तरी छोटानागपुर का मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलना लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस पिछली सरकार के तर्ज पर चार मंत्रियों के कोटे पर अड़ी हुई है।
झामुमो में भी मंथन जारी
उधर, झामुमो भी मंत्रियों के नाम पर मंथन कर रहा है। इसमें युवाओं के साथ-साथ अनुभव को भी तरजीह दी जा रही है। जो चेहरे पिछली सरकार में थे उनके साथ-साथ दूसरे चहरों को भी आजमाया जा सकता है। इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री का बताया जा रहा है।
विशेष सत्र से पहले हो सकता है कैबिनेट विस्तार
झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र नौ दिसंबर से होगा। दिसंबर के पहले सप्ताह में ही मुख्यमंत्री कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं। इसके संकेत पिछले दिनों ही उन्होंने दे दिये थे। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पूरी कैबिनेट के साथ विधानसभा सत्र में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। सदन में संसदीय कार्यमंत्री की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और कई कार्य करने होते हैं। सरकार में सिर्फ मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में कैबिनेट का विस्तार होना आवश्यक है, ताकि संसदीय कार्यमंत्री बनाए जा सकें।


