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कहर बरपा रहा गर्मी, असहज महसूस कर रहे लोग

चतरा जिले में गर्मी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार को यहां का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस...

कहर बरपा रहा गर्मी, असहज महसूस कर रहे लोग
हिन्दुस्तान टीम,चतराWed, 29 May 2024 02:30 AM
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सिमरिया, प्रतिनिधि। चतरा जिले में गर्मी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार को यहां का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस था। गर्मी से लोगों को रात और दिन काटना मुश्किल हो रहा है। लोगों को ना दिन में चैन है और ना रात को आराम मिल रहा है। गर्मी के कारण लोग त्राहिमाम हो रहे हैं। आए दिन तापमान की बढ़ोतरी से लोग परेशान हैं। लोग दिन के दस बजते ही घर में दुबक जाते हैं और शाम छह बजे निकलते हैं। दोपहर में चौक-चौराहों से लेकर गांव की गलियों में सन्नाटा पसर जाता है। गर्मी के कारण ठेले-खोमचे वाले को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कूप तालाब, पोखर और नदी सूख गए हैं। जबकि कुएं और चापाकल का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। जिससे ग्रामीणों को आए दिन पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

ग्रामीण जहां-तहां से पानी लाकर पी रहे हैं। गर्मी से न सिर्फ असहज कर देने वाली स्थिति उत्पन्न हो रही है। साथ ही हमारी सेहत पर इसके कई तरह के नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं। चतरा सहित अन्य प्रखंडों में तापमान 42-43 डिग्री को भी पार कर रहा है। जबकि अध्ययन बताते हैं कि मानव शरीर सिर्फ 36-38 डिग्री तक ही तापमान सहन कर सकता है। बढ़ती गर्मी को लेकर जाने माने चिकित्सक डॉ सुदीप का कहना है कि यह कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकती है। डॉ सुदीप कहते हैं दिन के समय बढ़ती गर्मी के जोखिम को देखते हुए सभी लोगों को विशेष बचाव करते रहने की आवश्यकता होती है। शरीर पर इसके कई तरह के दुषप्रभाव हो सकते हैं। शोध से पता चलता है कि बढ़ा हुआ तापमान कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। इतना ही नहीं, तेज धूप के संपर्क में लगातार रहने वाले लोगों में कैंसर का भी खतरा अधिक पाया गया है।

हृदय स्वास्थ्य पर असर

डॉ सुदीप कहते हैं कि बढ़ते तापमान और तेज गर्मी के चलते हृदय पर सबसे अधिक गंभीर दुष्प्रभाव होने का खतरा हो सकता है। शरीर का तापमान बढ़ने की स्थिति में दिल तेजी से धड़कने लगता है। हृदय गति की इस अनियमितता के कई गंभीर प्रभाव हो सकते हैं। लगातार तापमान बढ़े रहने के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने या कम होने का भी जोखिम हो सकता है, जिससे हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है। दिल के तेजी से धड़कने के कारण शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत पर असर हो सकता है। डॉ सुदीप ने बताया कि फिल्हाल सर्दी, खांसी और डिहाइड्रेशन के शिकार मरीजों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है।

लो-ब्लड प्रेशर की समस्या

सिमरिया के चिकित्सक डॉ अंकुर कहते हैं कि गर्मी के दिनों में अक्सर लोगों में लो-ब्लड प्रेशर की समस्या देखने को मिलती है। तेज गर्मी के कारण शरीर से पसीने के रूप में अधिक मात्रा में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं। इनकी कमी के कारण ब्लड प्रेशर कम होने का खतरा बढ़ जाता है। इन स्थितियों में चक्कर आने या बेहोशी की दिक्कत हो सकती है। ऐसी समस्याओं से बचे रहने के लिए नियमित रूप से तरल पदार्थों का सेवन करते रहना चाहिए।

आंखों की समस्या

सिमरिया के डा मधुर मोहन ने बताया कि तेज धूप और गर्मी के कारण आंखों में जलन, सूखापन, खुजली, लालिमा और दर्द जैसी समस्याओं का होना काफी सामान्य है। सूरज की किरणों से निकलने वाले यूवी रेज के अधिक संपर्क में रहने के कारण कॉर्निया से संबंधित दिक्कतों का जोखिम भी बढ़ जाता है। गर्मी के दिनों में आंखों की सेहत का ख्याल रखना बहुत आवश्यक हो जाता है।

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