Should have got employment getting a dust balloon to block lungs - मिलना चाहिए था रोजगार, मिल रहा फेफड़ों को जाम करने वाला धूल का गुब्बार DA Image
13 नबम्बर, 2019|5:32|IST

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मिलना चाहिए था रोजगार, मिल रहा फेफड़ों को जाम करने वाला धूल का गुब्बार

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सिमरिया अनुमंडल के अधीन आने वाले टंडवा इंडस्ट्रीयल हब के रूप में पूरे देश मे मशहूर हो चुका है।लोगों को बड़ी आशा थी कि कोलयरी चालू होने के बाद टंडवा के साथ साथ पड़ोसी प्रखंड के लोगों को रोजगार मिलेगा।विस्थापितों को नौकरी और मुआवजा मिलेगा।पर आम्प्रपाली और मगध कोल परियोजना पर लोगों को जितनी उम्मीदें थी वो अब तक पूरी नहीं हो सकी।भले ही इन परियोजनाओं का मुनाफा एक हजार करोड़ तक पहुंच गया हो।टंडवा की तीन बड़ी कोल परियोजनाओं से लगभग 20 गांव विस्थापित हुए हैं। जबकि लगभग दो सौ गांव के लोग प्रभावित हो रहे हैं।कई गांव के लोग और चौक के दुकानदार तो इस कदर धूल से प्रभावित हो रहे हैं कि उन्हें अपनी दुकानों में रोजाना एक एक घंटे पर झाड़ू लगाना पड़ रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि फेफड़े में धूल कण समाने के एवज में उन्हें रोजगार तो मिलेगा ही। पर लोगों को न मुआवजा मिला और न ही नौकरी।टंडवा के उड़सु गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक राजकुमार दास कहते हैं कि मुआवजा के लिए वे पिछले कई वर्षों से इंतजार कर रहे हैं।पर कोल परियोजना प्रबंधन इस दिशा में गंभीरता से सोच ही नहीं रहा है।प्रबंधन और प्रसाशन इस मामले में अगर गंभीर हो जाए तो लोगों के दुख दर्द दूर हो जाएंगे।बहरहाल टंडवा के कई गांवों के लोगों को विस्थापन के बाद मुआवजा और नौकरी मिलने की उम्मीद है।पर सिमरिया के लोगों को सिर्फ कोयला ढोने वाले वाहनों से सिर्फ धूल हिस्से में आ रहा है।प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि लोगों को सांस की तकलीफ और त्वजा में एलर्जी की समस्या उत्पन्न हो रही है।हजारीबाग के चिकित्सक डॉ. सुदीप कहते हैं कि यह समस्या हवा में बढ़ रहे प्रदूषण की मात्रा के कारण ही हो रहा है। लोगों का कहना है कि अगर ईमानदारी से जांच की जाए तो यह पता चलेगा कि दिल्ली से कम प्रदूषण यहाँ नहीं है। प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए सिमरिया से बाईपास रोड का निर्माण के लिए कार्ययोजना भी तैयार कर ली गई थी।निविदा भी निकला था।पर बाद में इसे रद्द कर दिया गया क्योंकि बजट छोटा पड़ गया।बाईपास रोड नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटना में अब तक मरने वालों का आंकड़ा सौ से भी पार कर गया।यानी सिमरिया के लोगों के लिए यह परियोजना मुसीबत लेकर आया है।हाल ही में पिपरवार पहुंचे केंद्रीय कोयला सचिव ने इस बात को लेकर हैरानी जताई कि कोल परियोजना का अपना कोई सड़क नहीं है।इस बारे में उन्होंने आम्रपाली मगध कोल परियोजना के जीएम से उन्होंने जवाब तलब भी किया

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