गर्मी से अभी चतरावासियों को राहत नहीं, 26 मई तक पारा रहेगा 43 डिग्री के आसपास
चतरा में गर्मी से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने 26 मई तक 43 डिग्री तापमान की भविष्यवाणी की है। पत्थलगड्डा में गर्मी के कारण लोग अपने व्यवसाय छोड़ रहे हैं। बिजली की कमी और पानी की समस्या ने स्थिति को और खराब कर दिया है।

चतरा, संवाददाता। चतरावासियों को अभी गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 26 मई तक जिले में प्रचंड गर्मी रहेगी। तापमान 43 डिग्री तक रहेगा। जिले में इन दिनों गर्मी इतनी प्रचण्ड है की लू की थपेड़ों से राहत पाने के लिए लोग कई तरीके अपना रहे हैं, हालंकि गर्मी रुकने का नाम अभी तक नहीं ले रही है।
पत्थलगड्डा प्रखंड में गर्मी का प्रकोप
पत्थलगड्डा प्रखंडमें भी गर्मी अपना रौद्र रूप देखा रहा है। यहां पर कुछ दिनों से इतनी तेज गर्मी पड़ रही है कि दोपहर के समय में प्रखंड मुख्यालय के सुभाष चौक एवं गांधी चौक पत्थलगड्डा स्थित दोपहर में पूरा सन्नाटा हो जाता है। वहीं कई व्यवसाई अपना व्यवसाय छोड़ लू की थपेड़ों से बचने के लिए अपने घर की ओर मुख मोड़ ले रहे हैं। प्रचंड गर्मी के कारण सरकारी दफ्तरों में भी कम भीड़ उमड़ रही है। वहीं रास्ते में धूप से गुजरते वक्त लोग माथे पर वस्त्र एवं छतरी का सहारा ले रहे हैं। हालंकि इसी बीच तेज़ गर्मी को देखते हुए सरकार ने बाइस मई से दस जून तक सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों को बंद रखने का आदेश भी जारी कर दिया है।
बिजली की समस्या
उधर बिजली की अखमिचोनी से उपभोक्ता त्रस्त
बिजली के नाटकीय रूप से पत्थलगड्डा प्रखण्ड क्षेत्र के उपभोक्ता इन दिनों काफ़ी परेशान हैं। जबकि गर्मी का प्रचण्ड रूप से और भी अधिक लोग बेहाल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चौबीस घंटों में सिर्फ़ चार घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है जिससे लोग गर्मी से परेशान हो रहे हैं। इतना ही नहीं बिजली के अभाव में कई कार्य ठप पड़ जा रहे हैं।
टंडवा में रोजगार पर आफत
टंडवा निज प्रतिनिधि
मिडिल ईस्ट में जंग की तपिश का असर अब हर आंगन तक पसर गया है। प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों में गैलन में एक बुंद डीजल और पेट्रोल न देने के फरमान के कारण औद्योगिक नगरी के छोटे-छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे है । इधर सूरज के आग उगलते गर्मी से टंडवा में लोगों का बदन भट्टी की तरह जल रहा है। पारा 40 से अधिक चला गया है जबकि 25 मई से नौतपा नक्षत्र का गर्मी सहन करना बाकी है। देखा जा रहा है गर्मी से लोग तो बेहाल है ही, लो वोल्टेज बिजली ने लोगों को सांस लेना दुश्वार कर दिया है। जिससे हजारों आंगन में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार टंडवा में 1960 मेगावाट बिजली उत्पादन के बाद भी इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। सरकारी बिजली की स्थिति यह है कि 24 घंटे में 10-14 घंटे बिजली मिल जाये तो बहुत है। उपर से लो वोल्टेज के कारण टंकी में पानी भी नहीं चढ़ रहा है। टंडवा प्रखंड में चार फीडर है जिसमें 120 एम्पीयर बिजली मिल रही है जबकि विभाग का मानना है 240 एम्पीयर बिजली मिलने से लोगो का समाधान होता।इधर चतरा जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों में गैलन में डीजल और पेट्रोल देने की पाबंदी से किसान से लेकर आमलोगों की संकट और बढ़ गयी। मुखिया सुनीता देवी सवाल उठाती हैं कि डीजल लेने के लिए जनरेटर तो पंप पर नहीं ले जाया जा सकता। ऐसे में किसान खेती कैसे करेंगे। आमलोग अपने घर के टंकी में पानी कैसे चढ़ायेंगे। राहम निवासी कामेश्वर पांडे कहते हैं कि लो वोल्टेज के कारण हर घर प्रभावित हैं। रात को नींद नींद आ रही है। वहीं गैलन में डीजल पेट्रोल नहीं मिलने से परेशानी चार गुणा बढ़ गयी है। इससे गैराज, दरवाजा खिड़की बनाने वाले दूकान दार, कपड़ा दूकान सब परेशान हैं। बैंकों के काम काज पर बुरा प्रभाव डाला है। टंडवा का एक माउल सेंटर बंद कर देना पड़ा । बताया गया कि कोयला उत्पादन से माइंस प्रभावित गांव समेत बरकुटे, टंडवा आदि दर्जनों गांवों में पानी का संकट विकराल रूप ले चुका है। कांग्रेस नेता सुभाष दास ने जिला प्रशासन से पांच लीटर डीजल और दो लीटर पेट्रोल गैलन में उपलब्ध कराने की मांग की है।
एसडीओ के बोल
टंडवा: सिमरिया एसडीओ महेश्वरी यादव ने कहा है कि गैलन में डीजल देने से दूरुपयोग के शिक़ायत पर प्रशासन यह कदम उठाया है। वैसे इसकी फिर समीक्षा की जायेगी।
सामान्य प्रश्न
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