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Hindi News झारखंड चतराम्यूटेशन के सबसे अधिक 357 आवेदन चतरा अंचल में पेंडिंग एवं सबसे कम कुंदा में 5 मामला है पेंडिंग

म्यूटेशन के सबसे अधिक 357 आवेदन चतरा अंचल में पेंडिंग एवं सबसे कम कुंदा में 5 मामला है पेंडिंग

जिला में म्यूटेशन के लिए लोगो को अंचल कार्यालय का महीनों चक्कर लगाने के बाद भी म्यूटेशन नही हो पा रहा है। अंचल कार्यालय द्वारा म्यूटेशन में तरह-तरह...

म्यूटेशन के सबसे अधिक 357 आवेदन चतरा अंचल में पेंडिंग एवं सबसे कम कुंदा में 5 मामला है पेंडिंग
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हिन्दुस्तान टीम,चतराTue, 25 Jun 2024 01:45 AM
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चतरा हिन्दुस्तान प्रतिनिधि
जिला में म्यूटेशन के लिए लोगो को अंचल कार्यालय का महीनों चक्कर लगाने के बाद भी म्यूटेशन नही हो पा रहा है। अंचल कार्यालय द्वारा म्यूटेशन में तरह-तरह का अड़चन लगा दिया जाता है। इसकी सूचना भी म्यूटेशन कराने वालो को नहीं दिया जाता है। जब आवेदनकर्ता द्वारा जांच पड़ताल किया जाता है। तब कार्यालय के कर्मियों द्वारा बताया कि जाता है कि आपके म्यूटेशन पेपर में अमुख-अमुख पेपर की कमी है। कुछ म्यूटेशन को तो पेपर की कमी के कारण रिजेक्ट कर दिया जाता है। जिला में वर्ष 2016 से म्यूटेशन के लिए 54,756 आवेदन प्राप्त हुआ है। जिसमें से 25,565 म्यूटेशन कर दिया गया है। एवं 27,768 म्यूटेशन आवेदन को रिजेक्ट किया गया है और 1423 म्यूटेशन आवेदन को पेंडिंग में रखा गया है। जिला में सबसे ज्यादा म्यूटेशन लंबित होने का मामला चतरा अंचल में है। यहां म्यूटेशन के लिए कुल 15505 आवेदन कार्यालय को प्राप्त हुआ है। जिसमें से 6241 म्यूटेशन कर दिया गया है एवं 8907 म्यूटेशन आवेदन को रिजेक्ट किया गया है। और आज तक 357 म्यूटेशन आवेदन को पेडिंग में पड़ा है। जबकि सरकार का नियम है कि एक माह के अंदर म्यूटेशन कार्य को संपन्न कर देना है। म्यूटेशन के लंबित मामलो की जांच के लिए कमेटी बनेगी, परंतु जिला में कमेटी तो अब तक बना नही ंहै। परंतु डीसी द्वारा दोनो अनुमंडल के एसडीओ और अपर समाहर्ता को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक प्रखंड में कम से कम दस-दस म्यूटेशन के लंबित मामलो की जांच प्रत्येक माह में किया जायेगा। नगवां मुहल्ला के जगदीश साव ने बताया कि म्यूटेशन के लिए चार माह पूर्व आवेदन किया था। परंतु आज तक म्यूटेशन नहीं किया गया है। वहीं गोविंद यादव ने बताया कि म्यूटेशन के लिए आवेदन दिये लगभग आठ माह बीत गया है। इसके बाद भी म्यूटेशन नहीं किया गया है। सुरही मुहल्ला के जवाहर साव ने बताया कि एक वर्ष पूर्व म्यूटेशन के लिए आवेदन किया था। परंतु आज तक मेरा म्यूटेशन नहीं हुआ है। वहीं सरिता देवी ने बताया कि म्यूटेशन के लिए आवेदन किया था। जिसमें खतियान नहीं रहने के कारण रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके बाद जब दूसरी बार आवेदन किया तो तक भी म्यूटेशन में अड़चन लगाया जा रहा था। जब पैसा दिया गया तक म्यूटेशन कर दिया गया। इस संबंध में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जिला में म्यूटेशन के लिए 54756 आवेदन प्राप्त हुआ है। इसमें से 25565 म्यूटेशन किया गया है एवं 27768 आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया है और 1423 आवेदन पेंडिंग में है। म्यूटेशन लंबित रखने का मामला सबसे ज्यदा चतरा अंचल में है। चतरा अंचल के सीओ को इस मामले में डीसी के निर्देश पर स्पष्टीकरण की मांग किया गया है। जिला के इटखोरी अंचल में 158, कुंदा में 05, कान्हाचट्टी में 63, गिद्धौर में 76, चतरा में 357, टंडवा में 87, पत्थलगड्डा में 50, प्रतापपुर में 183, मयुरहंड में 30, लावालौंग में 30, सिमरिया में 243 और हंटरगंज में 141 मामला पेंडिंग है।

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