कौलेश्वरी पहाड़ के प्राकृतिक सरोवर का हो मुकम्मल सफाई,

Mar 03, 2026 12:05 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चतरा
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कौलेश्वरी पहाड़ के प्राकृतिक सरोवर का हो मुकम्मल सफाई,

हंटरगंज, प्रतिनिधि। हंटरगंज का कौलेश्वरी पहाड़ केवल झारखंड का ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तीर्थ सह पर्यटन स्थल है। यह अति प्राचीन और दुर्लभ पुरातात्विक अवशेषों की सांस्कृतिक धरोहर वाला स्थल भी है। इसकी उपमा मिनी वैष्णो देवी धाम और झारखंड के तिरुपति से की जाती है। इन दुर्लभ पुरातात्विक अवशेषों के बीच, 1,575 फीट ऊंचे तुंग शिखर पर 2,000 फीट लंबा, 1,100 फीट चौड़ा और 32 फीट गहरा एक प्राकृतिक सरोवर अवस्थित है, जिसमें सदा पानी उपलब्ध रहता है और यह कभी नहीं सूखता। इसे प्रकृति का एक अनुपम और अनूठा उपहार माना जाता है। इसका शीतल, निर्मल और औषधीय पानी इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

यह सरोवर तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का प्रतीक होने के साथ-साथ जलापूर्ति का मुख्य स्रोत भी है। रामनवमी पर्व के दौरान यहां लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं और इस सरोवर में आस्था की डुबकी लगाते हैं। पर्व को नजदीक आता देख लोगों ने सरोवर की मुकम्मल सफाई की मांग तेज कर दी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, औषधीय गुणों से युक्त इस सरोवर में डुबकी लगाने से लोग पुण्य के भागीदार बनने के साथ-साथ चर्म रोगों से भी निजात पाते हैं। लेकिन वर्तमान में सरोवर की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, जिससे आस्था की डुबकी और परंपरा बाधित हो रही है। कल तक जहां लोग डुबकी लगाने के लिए उत्साहित रहते थे, वहीं आज गंदगी के कारण इससे परहेज करना पड़ रहा है। सरोवर के धार्मिक और औषधीय गुणों को बचाए रखने के लिए इसकी साफ-सफाई पर गंभीरता दिखाने की जरूरत है। माता कौलेश्वरी सरोवर चतरा जिले के साथ-साथ कई देशों के लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। अपने धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व विख्यात यह धरोहर आज अपने अस्तित्व को खो रही है। इसे स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सुरक्षा और संरक्षण नहीं मिल पा रहा है। पहाड़ पर स्थित दुकानदारों के लिए यह कूड़ेदान और पशुपालकों के लिए जानवरों को धोने का जल स्रोत बनकर रह गया है। कचरे और गोबर की वजह से सरोवर गंदगी व दुर्गंधयुक्त हो गया है। वहीं, जागरूकता के अभाव में यहां आने वाले पर्यटक भी गंदगी फैलाने में पीछे नहीं हैं। समय गवाह है कि जबतक यह प्राकृतिक सरोवर खुद स्वच्छ और निर्मल बना रहा तबतक श्रद्धालुओं व तीर्थयात्रियों को पानी के लिए इधर-उधर भटकने नहीं दिया जबसे सरोवर का पानी कतिपय कारणों से गंदा दुर्गंधयुक्त और प्रदूषित हो गया है तीर्थयात्रियों श्रद्धालुओं को आवश्यकता का भी पानी मुहैया करा पाना प्रशासन और प्रबंधन समिति के लिए टेढ़ी खीर ही नहीं एक अहम चुनौती भी बनी हुई है। कौलेश्वरी पर्वत के प्राकृतिक सरोवर की सफाई काफी आवश्यक है। --मशीर आलम, युवा समाजसेवी प्राकृतिक सरोवर का पानी गंदा दुर्गंधयुक्त और प्रदूषित हो जाने से सरोवर और इसका पानी की उपयोगिता सार्थकता करीब करीब मृतप्राय बना हुआ है ,सबसे दुखद बात है कि सरोवर की शोभा देवी का प्रिय पुष्प श्वेत कमल विलुप्त होता जा रहा है। प्राकृतिक सरोवर के अस्तित्व और इस प्राकृतिक खूबसूरती को बचाने के लिए सरोवर की सफाई अति आवश्यक है। --सरफराज अहमद, समाज सेवी पहाड़ के सबसे सुंदर और आकर्षित करने वाला स्थल माता कालेश्वरी पर्वत की वर्तमान स्थिति इस अंतरराष्ट्रय ख्याति के तीर्थ सह पर्यटनस्थल के लिए अति दुर्भाग्यपूर्ण ही नही एक बड़ी त्रास्दी भी साबित हो रहा है। प्राकृतिक सरोवर के सुरक्षित और संरक्षित रखना इस अंतरराष्ट्रीय स्थल के लिए अति आवश्यक है। --आशीष कुमार गुप्ता, समाजसेवी कल तक श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के लिए आदर श्रद्धा का प्रतीक प्राकृतिक सरोवर का पानी में आज श्रद्धालु तीर्थयात्री आस्था की डुबकी लगाने से भी पूरी तरह परहेज कर रहे हैं । वो दिन दूर नहीं गए जब श्रद्धालु तीर्थयात्री सरोवर का पानी को पूरे आदर और शद्धा भक्ति के साथ ग्रहण करते थे। लेकिन आज दुर्गंध युक्त पानी से परहेज करने लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त इस स्थल का एक महत्वपूर्ण स्थल है यह सरोवर इसकी संपूर्ण सफाई होना अनिवार्य है। --सरदार धर्मेंद्र सिंह, समाजसेवी कौलेश्वरी पहाड़ आने वाले श्रद्धालु इस तालाब आस्था की डुबकी लगाकर माता का ध्यान करते थे । उदर और चर्म रोग के लिए रामबाण सरोवर का पानी को गंगाजल की तरह साथ ले जाना नहीं भूलते थे। लेकिन आज लोगों के लापरवाही के प्राकृतिक सरोवर गंदगी से भर गया है। इसकी संपूर्ण साफ सफाई किए जाने की सख्त जरूरत है। --मनोज कुमार गुप्ता, समाजसेवी सरोवर के भूतल में कई फीट गंदगी और कीचड़ जमा हो गया है। देखरेख और व्यवस्था के घोर अभाव में वर्षों से प्राकृतिक सरोवर में कूड़ा करकट एवं अन्य गंदे पदार्थों के फेके जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। धार्मिक मान्यताओं से जुड़े इस सरोवर की यह स्थिति दुर्भाग्य की बात है। इस पर विशेष ध्यान देते हुए सरोवर की साफ सफाई करने की जरूरत है। --विजेंद्र कुमार, समाजसेवी बीच-बीच में सरोवर की सफाई के नाम पर खाना पूर्ति की गई। लेकिन वास्तविकता है कि वर्षों से सरोवर की मुकम्मल साफ- सफाई नहीं हो पाने के कारण सरोवर का पानी काफी गंदा दुर्गंधयुक्त और दूषित हो गया है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त इस स्थल के सौंदर्य को बरकरार रखने के लिए सरोवर के साफ-सफाई करना आवश्यक। --काशिफ इकबाल, वरिष्ठ पत्रकार सरोवर में मवेशियों के विचरण और इनके मल मूत्र से भी सरोवर का पानी अपवित्र हो गया है। नतीजा है कि सरोवर का पानी की उपयोगिता सार्थकता पर बड़ा सवालिया निशान लगा हुआ है। दुकानदारों और मवेशी पालको की लापरवाही प्राकृतिक सरोवर के इस स्थिति का एक बड़ा कारण है। प्राकृतिक सरोवर के सौंदर्य को बरकरार रखने के लिए वृहद पैमाने पर इसकी साफ सफाई की जरूरत है। --कमलेश कुमार, समाजसेवी सरोवर को लंबे समय से साफ-सफाई नहीं किया गया है। भूतल में कई फीट तक गंदगी और कीचड़ जमा है। प्रबंधन के द्वारा इसका कोई रख रखाव सही से नहीं किया जाता है। वर्षों से प्राकृतिक सरोवर में कूड़ा करकट एवं अन्य गंदे पदार्थों को लोग फेंक देते हैं। इस सरोवर का जल्द से जल्द सफाई होनी चाहिए। --रंजीत कुमार उर्फ बंटी, समाजसेवी 02 मार्च चतरा 3- मशीर आलम 02 मार्च चतरा 4- सरफराज अहमद 02 मार्च चतरा 5- आशीष कुमार गुप्ता 02 मार्च चतरा 6- सरदार धर्मेंद्र सिंह 02 मार्च चतरा 7- मनोज कुमार गुप्ता 02 मार्च चतरा 8- विजेंद्र कुमार 02 मार्च चतरा 9- काशिफ इकबाल 02 मार्च चतरा 10- कमलेश कुमार 02 मार्च चतरा 11- रंजीत कुमार उर्फ बंटी 02 मार्च चतरा 12- सरोवर में फैली गंदगी

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