डिजिटल भटकाव के बीच शिक्षा की अहमियत विषय पर हुई संगोष्ठी
इटखोरी के द विजन पब्लिक स्कूल में 'रील्स के दौर में पढ़ाई का महत्व' विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। संस्थापक नीरज कुमार सिन्हा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस सेमिनार का उद्देश्य डिजिटल और पारंपरिक शिक्षा के बीच एक सेतु बनाना है। छात्रों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछकर तकनीक के सही उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इटखोरी, प्रतिनिधि। इटखोरी स्थित द विजन पब्लिक स्कूल में रील्स के दौर में पढ़ाई का महत्व विषय पर एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप जलाकर की गई। इस समारोह की अध्यक्षता विद्यालय के संस्थापक नीरज कुमार सिन्हा ने की, जबकि मंच संचालन शिक्षक दीपक सिंह ने किया। आयोजन के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने आए हुए अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान संस्थापक नीरज सिन्हा ने कहा कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया और पारंपरिक पठन-पाठन के बीच एक सेतु बनाना है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सोशल मीडिया और रील्स जैसे डिजिटल विकर्षणों से बचकर सीखने की अपनी मूल प्रक्रिया को जारी रखना चाहिए।
मौके पर जिला परिषद सदस्य सरिता देवी, बीईईओ कैलाश पति पातर, प्राचार्य डॉ दुलार हजाम, मानवाधिकार के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, पूर्व प्रमुख सह भाजपा जिला उपाध्यक्ष ऋषिबाला सिंह, मुखिया संघ अध्यक्ष रंजय भारती, बीपीओ दीपक मेहरा, योगगुरु शंकर चंद्रवंशी, पूर्व शाखा प्रबंधक अशोक सिन्हा, शिक्षाविद दशरथ दांगी, नवल किशोर नवल, प्रो. विनय सिंह, मुखिया रीता देवी और सोनी कुमारी समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। छात्रों की जिज्ञासा और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने "रील्स के दौर में पढ़ाई का महत्व" विषय पर अतिथियों से अपनी जिज्ञासाओं से जुड़े कई सवाल पूछे। विशेषज्ञों के उत्तरों से छात्रों को यह समझने में मदद मिली कि कैसे तकनीक का सही उपयोग कर वे अपनी शिक्षा को और बेहतर बना सकते हैं।
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