Hindi NewsJharkhand NewsChatra NewsIllegal Opium Cultivation in Lawalaung A Growing Concern for Environment and Administration
हजारों एकड़ वन भूमि पर आज भी लहलहा रही है पोस्ते की खेती

हजारों एकड़ वन भूमि पर आज भी लहलहा रही है पोस्ते की खेती

संक्षेप:

हजारों एकड़ वन भूमि पर भी लहलहा रही हैहजारों एकड़ वन भूमि पर भी लहलहा रही हैहजारों एकड़ वन भूमि पर भी लहलहा रही हैहजारों एकड़ वन भूमि पर भी लहलहा रही हैहज

Feb 08, 2026 01:06 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चतरा
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लावालौंग प्रतिनिधि थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती ने गंभीर और चिंताजनक रूप ले लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे थाना क्षेत्र के अंतर्गत सभी पंचायतों के विभिन्न गांवों की वन भूमि पर आज भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती लहलहा रही है। हजारों एकड़ वन भूमि पर यह अवैध खेती की गई है, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि लोग दबी जुबान में लावालौंग को "मिनी अफगानिस्तान" कहने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार अफीम की खेती मुख्य रूप से दुर्गम पहाड़ी इलाकों और घने जंगलों में की जा रही है, जहां पहुंचना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

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अधिकतर खेती वन भूमि पर ही किए जाने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोग दबी आवाज में वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब कहीं थोड़ी-सी वन भूमि पर अतिक्रमण या कटाई होती है, तो वन विभाग तत्काल कड़ी कार्रवाई करता है, लेकिन हजारों एकड़ वन भूमि को उजाड़कर अफीम की खेती किए जाने की जानकारी अब तक विभाग को पूरी तरह न होना कई संदेह पैदा करता है। थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 880 एकड़ क्षेत्र में लगी अवैध पोस्ते की खेती को नष्ट किया जा चुका है, और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अफीम की खेती करने वालों और इसमें संलिप्त लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल फसल नष्ट करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक अफीम माफिया, बिचौलियों और कथित संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक इस अवैध धंधे पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा। क्षेत्र में फैलती अवैध अफीम की खेती अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। फोटो8- वन भूमि पर लहराती अवैध अफीम की खेती *-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-