सैकड़ों एकड़ में घेराबंदी कर लह लहा रही है अफीम की खेती
कुन्दा थाना क्षेत्र के सुदरवर्ती वन भूमि में अवैध अफीम की खेती तेजी से फैल रही है। लालिमाटी, कोडहास, नावाडीह और अन्य क्षेत्रों में ग्रामीण बेखौफ होकर अफीम उगाने में जुटे हैं। अफीम की विनिष्ठीकरण की जागरूकता के बावजूद तस्करी जारी है। कुन्दा थाना द्वारा नियमित नष्ट करने के बावजूद खेती का सिलसिला थम नहीं रहा।

कुन्दा, प्रतिनिधि। कुन्दा थाना क्षेत्र के सुदरवर्ती क्षेत्र वन भूमि में अफीम की खेती अवैध रूप से वन भूमि के इन क्षेत्रों में लहलहा रही हैं। अफीम की खेती थाना क्षेत्र के लालिमाटी कोडहास नावाडीह काकनातु मरगड़ा एकता कोजरम खुशियाला लोटवा सिकिदाग बनठा हरदिया टांड़ सरजमातु रंगेनिया तरी उलवार हरुल लकड़मंदा फुलवरिया सिधाबारी कामत बल्हि करिमांडर गारो समेत विभिन्न जंगलों बड़े पैमाने पर ग्रामीण और जंगली क्षेत्र में अफीम की खेती लगा हुआ है। हर वर्ष अफीम विनिष्ठी करण ओर अफीम से होने वाली नुकसान के बारे में जागरूकता गांव स्तर पर की जाती है। इसके बावजूद भी तस्कर बेखौफ होकर बेहद पैमाने पर खेती कर रहे हैं और करवा रहे है।
किसकी आदेश से कर रहे हैं खेती कौन है जिम्मेवार। कुंदा थाना के द्वारा रोज नष्ट किया जा रहा है। उसके बावजूद भी अभी भी जंगली इलाकों में नदी के किनारे चारों तरफ से अरहर का खेत और बीच में अफीम की खेती लहलहा रहा है। अफीम विनिष्ठी करण तब होती है जब आधे से ज्यादा फूल फल कर उसका दूध निकाल कर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़ी कीमत में बेच दिया जाता है।
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