Hindi NewsJharkhand NewsChatra NewsFarmers in Chatra Embrace Modern Soil Testing Techniques for Improved Agriculture
चतरा में दूसरे जिले की मिट्टी की भी होती है जांच

चतरा में दूसरे जिले की मिट्टी की भी होती है जांच

संक्षेप:

टास्क खबर - चतरा में दूसरे जिले की मिट्टी की भी होती है जांचटास्क खबर - चतरा में दूसरे जिले की मिट्टी की भी होती है जांचटास्क खबर - चतरा में दूसरे जिल

Dec 05, 2025 12:50 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चतरा
share Share
Follow Us on

चतरा हिन्दुस्तान प्रतिनिधि चतरा में किसान धीरे-धीरे पुरानी पद्धति को छोड़कर नई पद्धति अपनाना शुरू कर दिए हैं। अब किसान वैज्ञानिक पद्धति के माध्यम से खेती करने लगे, और अपने-अपने खेतों की मिट्टी का भी जांच कराते हैं। मिट्टी की जांच करने से किसानों को यह पता चलता है की मिट्टी में किस तत्व की कमी और किस तत्व की मात्रा अधिक है। किसान मिट्टी के जांच के अनुसार खेतों में खाद व अन्य सामग्री डालते हैं। चतरा जिला में दो प्रखंड हंटरगंज और प्रतापपुर को छोड़कर शेष 10 प्रखंडों की मिट्टी में अम्लीय मिट्टी ज्यादा है। मिट्टी अम्लीय होने के कारण मिट्टी में चूना का उपयोग कर अम्लीयता को कम किया जा रहा है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इसके अलावा मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की भी कमी माइक्रो न्यूट्रेन (सूक्ष्म पोषक तत्व) यहां की मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ब्रोन की कमी भी थोड़ा बहुत है। मृदा नमूना विशेषज्ञ अभिषेक घोष और नवल किशोर ने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिले के 6,700 किसानों ने मिट्टी का जांच करवाया था। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा 9,636 किसानों की मिट्टी की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 2,100 किसानों ने मिट्टी की जांच के लिए नमूना कृषि विज्ञान केंद्र में पहुंचाया है। जिसमें से लगभग 2,000 किसानों की मिट्टी की जांच की जा चुकी है। शेष मिट्टी की जांच की जा रही है। चतरा कृषि विज्ञान केंद्र में चतरा जिला के अलावा 15 से 16 दूसरे जिलो के किसानों की भी मिट्टी की जांच की जाती है। कृषि वैज्ञानिक ने कहा कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान सुधीर कुमार झा ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों की खेतों की मिट्टी जांच बिल्कुल नि:शुल्क होता है। मिट्टी की जांच करने से किसानों को यह पता चल जाता है, कि मिट्टी में किस तत्व की कमी और किस तत्व की मात्रा अधिक है। किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर वैज्ञानिक किसानों को मिट्टी में उर्वरक और अन्य