टास्क खबर- भीषण गर्मी में चरमराई बिजली व्यवस्था, कटौती और लो वोल्टेज से लोग परेशान

हिन्दुस्तान, चतरा
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चतरा जिले में भीषण गर्मी के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 7 से 8 घंटे की लोड शेडिंग और शहरी क्षेत्रों में 4 से 5 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। विद्युत विभाग के अनुसार, पिछले एक महीने में 77 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं।

टास्क खबर- भीषण गर्मी में चरमराई बिजली व्यवस्था, कटौती और लो वोल्टेज से लोग परेशान

चतरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अघोषित बिजली कटौती, लो वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और फ्यूज उड़ने की समस्या से लोग परेशान हैं। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग बढ़ी है, लेकिन आपूर्ति पर्याप्त नहीं होने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक लोड शेडिंग की जा रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 4 से 5 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। जिले में वर्तमान में लगभग 45 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है, जबकि जरूरत करीब 90 मेगावाट की है। शहर में औसतन 18 से 20 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। विद्युत विभाग के अनुसार भीषण गर्मी के कारण ट्रांसफॉर्मरों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। पिछले एक महीने में जिले में 77 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं, जिनमें 25 केवीए के 58 ट्रांसफॉर्मर सहित 64, 100 और 200 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं। कई जगहों पर तार गर्म होकर जल जा रहे हैं, जिससे बार-बार ट्रिपिंग और फ्यूज उड़ने की समस्या बनी हुई है。

क्या कहते हैं लोग

विद्युत विभाग के सहायक अभियंता सत्यदेव कुमार ने बताया कि चतरा में बिजली लाइन करीब 70 किलोमीटर दूर से आने के कारण लोड बढ़ते ही समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि दाडा में बना पावर ग्रिड चालू होने के बाद स्थिति में काफी सुधार होगा और ट्रिपिंग व लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।

शहर के लाईन मुहल्ला निवासी राजेश कुमार ने कहा की वैसे तो चतरा में बिजली आपूर्ति पूर्व के बनिस्बत कुछ अच्छी हुई है। लेकिन जितना बिजली चाहिए उतनी बिजली नहीं मिल रही है। एक तो आग उगलती गर्मी उपर से बिजली का घंटों कटा रहना भारी परेशानी उत्पन्न कर रहा है।

बिंड मुहल्ला निवासी संजय कुमार ने बताया की विधुत आपूर्ति निर्बाध नहीं है। गर्मी में कम से कम बिजली निर्बाध रूप से मिलनी चाहिए। क्योंकि गर्मी इतनी अधिक है कि घर में लोग आराम करना चाह रहे हैं, लेकिन बिजली नहीं रहने के कारण पंखे, एसी नहीं चल पाते हैं जिससे गर्मी में और परेशानी बढ़ जाती है। वैसे बिजली पहले की अपेक्षा अब कुछ ठीक ठाक है।

डाढ़ा गांव निवासी सुमन कुमार ने बताया की शहरी क्षेत्र में तो बिजली कुछ ठीक भी है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की व्यवस्था काफी चरमराई हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बिजली को लेकर त्राहिमाम हैं। सुमन ने कहा कि लोग बिजली का बिल भरते हैं लेकिन उनहें बिजली सही से नहीं मिलती है।

पकरिया गांव निवासी संजू भुईयां ने बताया की ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की सी भी हवा तेज होती है तो लाईट कट हो जाता है। खासकर गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की इतनी बदतर स्थिति रहती है कि लोगों को घर में भी गर्मी से झुलसना पड़ता है। कहा कि लाईन आती भी है तो महज कुछ मिंटों के लिये फिर चली जाती है। दिन और रात बिजली का आना जाना लगा रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चतरा में बिजली की कितनी आपूर्ति हो रही है?
जिले में वर्तमान में लगभग 45 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है, जबकि जरूरत करीब 90 मेगावाट की है।
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