छठ महापर्व पर चतरा के घाटों और मुख्य पथों पर हो विशेष सुरक्षा का प्रबंध
चतरा जिला मुख्यालय में छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की मांग की गई है। घाटों पर जल स्तर बढ़ा है और स्ट्रीट लाइटों की...

चतरा, प्रतिनिधि। लोक आस्था का महान पर्व छठ को लेकर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चतरा जिला मुख्यालय में श्रद्धालुओं की भारी संख्या छठ घाटों व शहर के मुख्य पथों पर उमड़ेगी। वैसे इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। इसलिए प्रशासन को विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाय। क्योंकि इस वर्ष भारी बाारिश के कारण अधिकतर छठ घाट पूरी तरह से भरे हुए हैं, साथ ही घाटों के आस-पास काफी नमी बनी हुई है।
छठ के पुर्व इन घाटों की मरम्मति की आवश्यकता थी, लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा कराया नहीं गया। ऐसे में सभी छठ घाटों पर विशेष रूप से चौकसी रखने की जरूरत है। एनडीआरएफ की टीम के साथ साथ स्थानीय स्तर पर तैराकों को रखना होगा। वहीं अधिक भीड़ भाड़ के कारण शहर में भी विधि व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है। पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ की स्थिति उत्पन्न न हो। श्रद्धालुओं ने यह भी कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, विशेषकर पानी और रोशनी की व्यवस्था सुचारू रहे।लोगों ने बताया कि कई घाटों पर लगाए गए स्ट्रीट लाइटें ठीक से कार्य नहीं कर रही हैं, जिससे शाम और रात के समय श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। उन्होंने मांग की कि छठ पर्व से पूर्व सभी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करवा दी जाए ताकि घाटों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था बनी रहे। इसके साथ ही जिन स्थानों पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, वहां भी भीड़ का अधिक जमाव होता है। प्रशासन को ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए, ताकि अव्यवस्था न फैले। इसके अलावा, लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि घाटों के आसपास लगने वाले ठेले जैसे बादाम, चना और चाऊमीन बेचने वालों को घाट से थोड़ी दूरी पर स्थान दिया जाए। इन ठेलों के कारण अक्सर रास्ता जाम हो जाता है, और श्रद्धालुओं को आवाजाही में कठिनाई होती है। जिला प्रशासन से अपील की है की गयी है कि इस बार छठ पर्व पर सुरक्षा, स्वच्छता और सुगमता की व्यवस्था पूर्व की तुलना में और अधिक सुदृढ़ की जाए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के आस्था के इस पर्व को शांतिपूर्वक मना सकें। जिला मुख्यालय में लगभग एक दर्जन से अधिक छठ घाट हैं। लेकिन सबसे अधिक छठ व्रतियों की भीड छठ तालाब, कठौतिया तालाब, हेरू छठ घाट और पुरैनिया तालाब में उमड़ती है। ऐसे में इन तालाबों में सुरक्षा का व्यापक प्रबंध स्थानीय स्तर पर किया गया है। फिर भी जिला प्रशासन इन छठ घाटों के प्रति संवेदनशील है। क्योंकि उक्त छठ घाटों में पानी खतरे के निशान से उपर है। घाटों पर बनी सीढ़ी डुबे हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को भी मंगा लिया है। छठ घाट में एनडीआरएफ की टीम छठ पूजा के दौरान बीच तालाब में नाव में इधर उधर विचरण करते रहेंगें, और छठव्रतियों पर नजर रखेंगे।

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