स्वतंत्रता सेनानियों के गढ़ कान्हाचट्टी के सपूत को दूसरी बार मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार

स्वतंत्रता सेनानियों के गढ़ कान्हाचट्टी के सपूत को दूसरी बार मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार

संक्षेप:

स्वतंत्रता सेनानियों के गढ़ कान्हाचट्टी के सपूत को दूसरी बार मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पुरस्कारस्वतंत्रता सेनानियों के गढ़ कान्हाचट्टी के सपूत को दूसरी बा

Aug 14, 2025 01:39 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चतरा
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सिमरिया निज प्रतिनिधि। स्वतंत्रता सेनानियों का गढ़ कान्हाचटी के टटरा से सटे खाप लवानी निवासी धनबाद सराय ढेला थाना के सब इंस्पेक्टर सदानंद सिंह ने अपने अदम्य साहस के कारण कई पुरस्कार से नवाजे गए हैं। इस बार गुमला के कुरकुरी थाना प्रभारी रहते 24 फरवरी 2019 को दो इनामी उग्रवादी सहित तीन को मार गिराने के कारण एक बार फिर राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से 15 अगस्त को नवाजे जाएंगे। इसके पूर्व 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणव मुखर्जी से पांकी पलामू में उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ करने के कारण वीरता पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा इन्हें राज्य सरकार और पुलिस विभाग से भी अदम्य साहस और वीरता के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

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सदानंद सिंह 2005 में सिपाही के पद पर पलामू में नियुक्त हुए थे। इस दौरान इनके अदम्य साहस को देखते हुए 2012 में पांकी थाना के तत्कालीन प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस मनोज रतन चौथे के सुरक्षा गार्ड में रखा गया था। इस दौरान उग्रवादियों ने श्री चौथे के गाड़ी को निशाना बनाकर हमला कर दिया। इस हमले में सदानंद सिंह ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक उग्रवादी को मार गिराया था। इस हमले में एसपी के साथ इन्होंने उग्रवादियों के मंसूबे को ध्वस्त कर दिया था। इस साहसिक कार्य के कारण 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा वीरता पुरस्कार दिया गया था। सरकार ने इसके साथ गैलंट्री अवॉर्ड देकर 2018 में दरोगा बना दिया । श्री सिंह को पदोन्नति करते हुए गुमला जिला बल भेजा गया। गुमला के कप्तान ने इनके कार्य को देखते हुए कुरकुरी थाना प्रभारी बनाया गया। इन्होंने कप्तान के विश्वास पर खरा उतरते हुए 24 फरवरी 2019 को उग्रवादी गतिविधि की सूचना पर जैसे ही मौके पर पहुंचे कि उग्रवादियों ने हमला बोल दिया। इस हमले में पुलिस बल के साथ अदम्य साहस का परिचय देते हुए दो इनामी उग्रवादी सहित तीन उग्रवादियों को मार गिराया। इस घटना में तीन एक-47 के अलावा कई राइफल व गोली भी बरामद की गई थी। इसके लिए 2019 में मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मानित किया गया। अब एकबार फिर से राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार रांची में राज्य पाल से मिल रहा है। इसके अलावा एसपी डीआईजी से भी समय-समय पर कई पुरस्कार से नवाजे जा चुके हैं।