
सात दिवसीय एनएसएस शिविर के तीसरे दिन दिया गया औषधियों की जानकारी
चतरा महाविद्यालय में एनएसएस द्वारा आयोजित विशेष शिविर का तीसरा दिन औषधीय पौधों की जागरूकता पर केंद्रित रहा। शिविर में निर्मला केरकेटा ने ग्रामीणों को नि:शुल्क औषधियों और उनके उपयोग के बारे में बताया।...
चतरा संवाददाता। चतरा महाविद्यालय चतरा में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के तहत आयोजित सात दिवसीय एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) यूनिट 1 का विशेष शिविर के तीसरे दिन सोमवार को औषधीय पौधों की जागरूकता पर फोकस किया गया। जिसकी शुरुआत योगा के साथ किया गया। इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा गांव सेहदा, पंचायत डाढा, जिला चतरा में शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में निर्मला केरकेटा ने नि:शुल्क औषधियों पौधों की जानकारी दी। उन्होंने उससे ठीक होने वाली बीमारिया जैसे कॉमन कोल्ड, फीवर, एलर्जी, रक्तचाप, मधुमेह,एनीमिया और बॉडी पेन इत्यादि के बारे में विस्तार से बताया।
साथ ही बीमारियों से बचाव के उपायों एवं औषधियों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान धतूरा, गुड़हल, कड़ी पत्ता, अमरूद, तुलसी, हरश्रृंगार, पातलचट्टा, सीज, बूढ़ी आवंला, चीरैता, खपरा साग, काटा साग, दंत मंजन घास, पपीता का पत्ता, सदाबहार, महुआ और अन्य चीजों के बारे में जानकारी दी। एनएसएस अधिकारी प्रोफ़ेसर शोभा कुजूर ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक बनाना है। चतरा महाविद्यालय चतरा की एनएसएस ने इस गांव को 5 वर्षों के लिए गोद लिया है, ग्रामीणों ने चतरा महाविद्यालय चतरा, शिक्षाशास्त्र विभाग के एनएसएस टीम यूनिट 1 के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे शिविर गांव के विकास और जनजागरूकता में अहम भूमिका निभाते हैं।

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