गिद्धौर में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन
गिद्धौर में 'बचपन सुरक्षित, भविष्य सुनिश्चित' विषय पर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर 90 दिवसीय आउटरीच अभियान का हिस्सा है, जिसमें बाल श्रम निषेध कानून, बाल विवाह, यौन शोषण और घरेलू हिंसा पर जानकारी दी गई। पवन कुमार ने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम कराना प्रतिबंधित है।

गिद्धौर, प्रतिनिधि। जिला विधिक सेवा प्राधिकार चतरा के सचिव के निर्देशन में गिद्धौर प्रखंड में "बचपन सुरक्षित, भविष्य सुनिश्चित" विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम 90 दिवसीय आउटरीच अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सहायता व जागरूकता पहुंचाना है। शिविर का संचालन अधिकार मित्र पवन कुमार एवं कुमारी शारदा भारती के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान पवन कुमार ने बाल श्रम निषेध कानून की जानकारी देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 24 एवं 32 के तहत बच्चों से श्रम कराना प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि बाल श्रम अधिनियम की धारा 14 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य कराने वाले नियोजक को छह माह से दो वर्ष तक की सजा तथा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।कार्यक्रम
में बाल विवाह, यौन शोषण, घरेलू हिंसा, डायन-बिसाही रोकथाम समेत विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
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