8 वर्ष की आयु से अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर रावण दहन करता आ रहा है आयुष राज

8 वर्ष की आयु से अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर रावण दहन करता आ रहा है आयुष राज

संक्षेप:

दशहरा के मौके पर हंटरगंज के मनोज कुमार गुप्ता का 8 वर्षीय पुत्र आयुष राज अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर उसका दहन करता है। यह परंपरा उसने 8 वर्ष की आयु से शुरू की थी। आयुष हर साल अपने पुतले को और...

Sep 29, 2025 11:33 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चतरा
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हंटरगंज निज प्रतिनिधि । दशहरा के मौके पर हर जगह असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक के रूप में रावण का पुतला दहन किया जाता है। वही हंटरगंज में एक ऐसा बच्चा भी है जो अपने 8 वर्ष की आयु से अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर उसका दहन कर असत्य पर सत्य की विजय की परंपरा को बल देने का काम कर रहा है। यह बच्चा हंटरगंज के खूंटीकेवाल गांव के मनोज कुमार गुप्ता का पुत्र आयुष राज है। आयुष राज 8 वर्ष की आयु में अपने हाथों से खेल खेल में रावण का पुतला बनाकर उसका दहन किया था।

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लेकिन उसे क्या मालूम था उसका यह खेल एक परंपरा बन जाएगा। रावण दहन करने की परंपरा के प्रति उसकी रुचि ऐसी बड़ी की वह हर साल अपने हाथों से रावण का पुतला बनाने लगा और उसका पुतला दहन अपने हाथों से करने लगा। जैसे-जैसे आयुष राज की उम्र बढ़ता गया आयुष राज रावण के पुतला को और भी भव्य रूप देता चला गया। हर साल रावन का पुतला दहन आधुनिक तरीके से करता आ रहा है। रावण के पुतला में हर साल तरह-तरह की कलाकारी कर उसे आकर्षक बनाता है। आयुष राज के पिता मनोज गुप्ता बताते हैं कि उनका बेटा आठ वर्ष की आयु से ऐसा करता आ रहा है। पिछले पांच वर्षों से आयुष राज अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर उसका दहन करता है। अब तो लोग आयुष राज के द्वारा बनाए गए रावण के पुतला दहन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। आयुष राज रावण के पुतला बनाने में किसी का कोई सहयोग नहीं लेता वह अकेला रावण का पुतला बनता है।