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मम्मा के चरित्र को अपने में उतारने की जरूरत है : मनोज भगेरिया

चक्रधरपुर।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, माउंट आबू की रूटीन कार्यक्रम के तहत ब्रह्माकुमारिज पाठशाला,चक्रधरपुर परिसर में ...

मम्मा के चरित्र को अपने में उतारने की जरूरत है : मनोज भगेरिया
हिन्दुस्तान टीम,चक्रधरपुरMon, 24 Jun 2024 04:30 PM
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चक्रधरपुर।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, माउंट आबू की रूटीन कार्यक्रम के तहत ब्रह्माकुमारिज पाठशाला,चक्रधरपुर परिसर में ब्रह्माकुमारिज संगठन की पहली प्रशासनिक प्रमुख मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा , जगत- अम्बा) की 59 वीं स्मृति दिवस मनाई गई । मौके पर भगेरिया फाउंडेशन के मनोज भगेरिया जबकि महाराष्ट्र के नासिक से आए मलय वीना फाउंडेशन का अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह बतौर मुख्य और विशेष अतिथि के रूप में शामिल थे । मौके पर भगेरिया फाउंडेशन के मनोज भगेरिया ने कहा, ब्रह्माकुमारिज का कार्य हमेशा के लिए प्रेरक और सराहनीय है । जहां तक मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की बात है, वह यज्ञ की एक महान आत्मा थी और आज के भागा भागी वाली जिंदगी में उनके स्वभाव, गुणों और जीवन के साथ आध्यात्मिक पुरुषार्थ हर एक को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है । जिससे हम खुश रह सकते है । जबकि अपने अध्यक्षीय भाषण में संचालिका बीके मानिनि बहन ने मातेश्वरी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1920 में पंजाब के अमृतसर में रोचा(मां) और पोकरदास (पिता) के घर में जन्मी राधे (बाल्यकाल के नाम) मात्र 17 वर्ष की अल्पायु में ही आध्यात्मिक रूप से परिपक्व हो गई । उन्होंने बताया कि मम्मा में ज्ञान की देवी सरस्वती,सिद्धि की देवी जगदम्बा,शक्ति की देवी दुर्गा,निर्भयता की देवी काली,शुभ शकुनो की देवी गायत्री,पवित्रता की देवी वैष्णवी, उत्साह की देवी उमा,संतोष की देवी संतोषी, धन की देवी लक्ष्मी की शक्तियां स्वाभाविक रूप से विद्यमान था । इसके पूर्व आए हुए अतिथियों का तिलक लगाकर और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया । इसके बाद दीप प्रज्वलन किया गया तथा मानो सतयुग की पहली राधा "मीठी मम्मा" की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पण करने के साथ परमपिता शिव परमात्मा और आदि पिता ब्रह्मा के अलावा मम्मा को संचालिका बीके मानिनि बहन भोग स्वीकार कराई और परमात्मा का दैनिक महावाक्य सुनाई । कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को ईश्वरीय सौगात से नवाजा गया और सभी के बीच प्रसाद का वितरण किया गया । कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन बीके मुस्कान ने दी । कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सुशीला, वीना, सारथी, गीता, वालेमा,पुतुल, सुदेवी,रामभरत, ओडेया,राजेश, राजू,मनोज,अनिल अथक योगदान दिए ।

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