विद्यालयों में भाषावार शिक्षक नियुक्त करने की मांग
बंदगांव प्रखंड में भाषावार शिक्षक की कमी से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। समाजसेवी समीर पूर्ति ने झारखंड सरकार से उड़िया, हो, और कुरमाली भाषा के शिक्षकों की बहाली की मांग की है। उन्होंने स्थानीय भाषा में शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

बंदगांव। बंदगांव प्रखंड में भाषावार शिक्षक की भारी कमी है। इसके कारण शिक्षण व्यवस्था पर काफी असर पड़ रहा है। इसको देखते हुए हो भाषा, उड़िया भाषा तथा कुरमाली भाषा की शिक्षक का बहाली की जाए। उक्त बातें बंदगांव प्रखंड के हाथीबारी गांव निवासी समाजसेवी समीर पूर्ति ने कही। उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की कि उड़िया बहुल गांव में उड़िया शिक्षक, हो बहुल गांव में हो शिक्षक तथा कुरमाली बहुल गांव में कुरमाली शिक्षक की नियुक्ति यथाशीघ्र करें। जिससे लोगों को बच्चों को स्थानीय भाषा में पढ़ाया लिखाया जा सके और बच्चे बेहतर ढंग से शिक्षा ग्रहण कर सके। उन्होंने कहा इन दोनों पश्चिम सिंहभूम जिला में शिक्षक की बहाली किया जा रहा है।
डीसी महोदय क्षेत्र की समस्या को जानते हुए वैसे शिक्षक की बहाली करें जिन्हें स्थानीय भाषा का ज्ञान हो और जिन विद्यालयों में शिक्षक की भारी कमी है वैसे विद्यालय में भी शिक्षक की बहाली किया जाए।
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