Chakradharpur News: अच्छे विचार होने से ही जीवन होता सुखी : हिमांशु
Chakradharpur News: चक्रधरपुर के गायत्री कुंज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। आचार्य हिमांशु ने भगवान के 24 अवतारों और समुद्र मंथन की कथा का सारगर्भित वर्णन किया। उन्होंने मानव हृदय और विचारों की महत्ता पर प्रकाश डाला। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

Chakradharpur News: चक्रधरपुर। थाना रोड स्थित गायत्री कुंज में समस्त भगेरिया परिवार की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
कथा का वर्णन
वृंदावन से पहुंचे आचार्य हिमांशु ने भगवान के 24 अवतारों के साथ समुद्र मंथन की कथा का रोचक और सारगर्भित वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह संसार भगवान का सुंदर बगीचा है, जिसमें 84 लाख योनियों के रूप में विभिन्न प्रकार के फूल खिले हुए हैं। जब-जब मनुष्य अपने गलत कर्मों से संसार रूपी इस बगीचे को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है, तब भगवान अवतार लेकर सज्जनों का उद्धार और दुर्जनों का संहार करते हैं।
मानव जीवन से जुड़ी बातें
समुद्र मंथन की कथा को मानव जीवन से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि मानव हृदय ही संसार सागर है और मनुष्य के अच्छे-बुरे विचार देवता और दानव के समान हैं। मन के भीतर निरंतर अच्छे और बुरे विचारों का मंथन चलता रहता है। उन्होंने कहा कि जिसके भीतर बुरे विचार हावी होते हैं, उसका जीवन दुख और परेशानियों से घिर जाता है। वहीं अच्छे विचारों की विजय होने पर जीवन सुखी, संतुष्ट और भगवत प्रेम से भर जाता है।
कथा का समापन
कथा के प्रारंभ में श्रीभागवत भगवान का पूजन हुआ। कथा समापन पर आरती की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।


