कोयलकारो संगम पर उमड़ा संथाल समाज
आनंदपुर प्रखंड के समीज गांव में संथाल समाज ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए सामूहिक मुंडन और अस्थियों का विसर्जन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से लोग शामिल हुए और पूजा-पाठ के बाद अस्थियों को कोयलकारो नदी में प्रवाहित किया गया। यह परंपरा वर्षों से मनाई जा रही है।

आनंदपुर,संवाददाता। आनंदपुर प्रखंड अंतर्गत समीज गांव स्थित कोयलकारो नदी संगम तट शुक्रवार को संथाल समाज के लिए धार्मिक परंपराओं और सामूहिक एकजुटता का केंद्र बन गया। छोटानागरा और आनंदपुर क्षेत्र के दो मौजा के लोगों ने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ सामूहिक रूप से मुंडन कर अस्थियों का विसर्जन किया। सुबह से ही विभिन्न गांवों से संथाल समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा और गाजे-बाजे के साथ संगम तट पर पहुंचे। नदी किनारे पुजारी सोनाराम किस्कू और नायके रतन हेम्ब्रम ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। पूजा के बाद समाज के लोगों का परंपरागत मुंडन कराया गया और फिर सभी की अस्थियों को एक साथ पवित्र कोयलकारो नदी में प्रवाहित किया गया।
समाज के प्रतिनिधि अनिल सोरेन ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है। हर वर्ष इसी तिथि को गोइलकेरा, आनंदपुर और मनोहरपुर क्षेत्र के संथाल समाज के लोग समीज स्थित कोयलकारो संगम पर एकत्र होकर सामूहिक अस्थि विसर्जन करते हैं। समाज की मान्यता है कि इस पवित्र संगम में अस्थियों का विसर्जन करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और परिवारों में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस धार्मिक आयोजन में छोटानगरा, कोंबिया, सालाई, बाहदा, दुबिल, मनोहरपुर, गोविंदपुर, सिमिरता, डुमिरता, दृपशीला, बागचट्टा, मुक्तिपत्थर, जोड़ोबाड़ी और पहाड़डीहा गांवों से बड़ी संख्या में संथाल समाज के महिला-पुरुष शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान रमेश किस्कू, सोमा किस्कू, रेंगो बेसरा, बसु टुडू, सुधीर मरांडी, सोहा मरांडी, रापी मरांडी, सावन मुर्मू, रूपलाल टुडू, राजेश हांसदा, बबलू मरांडी, सुखदेव मरांडी, कृष्णा मरांडी, गुलशन मरांडी, सुरेश बेसरा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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