
भारंडिया में पेसा कानून से ग्रामीणों को कराया अवगत
बंदगांव प्रखंड के हुडंगदा पंचायत में पेसा 1996 पर विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों को पेसा के विशेष प्रावधानों की जानकारी दी गई। बलराम हेम्ब्रम ने कहा कि झारखंड सरकार को पेसा कानून लागू करना चाहिए, अन्यथा आदिवासी समुदाय आंदोलन करेंगे। बैठक में कई गांवों के लोग शामिल हुए।
बंदगांव, संवाददाता। बंदगांव प्रखंड के हुडंगदा पंचायत के भारंडिया में पेसा 1996 को लेकर विशेष ग्राम सभा आयोजन ग्राम मुंडा बलराम हेम्ब्रम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें पेसा के धारा 4 (एम) एवं विशेष प्रावधानों को लेकर ग्रामीणों के समक्ष विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें पी पेसा में अंकित विशेष प्रावधान जैसे मादक पदार्थों पर नियंत्रण, लघु वनपज पर नियंत्रण, जमीन वापसी का अधिकार, बाजार व मेले पर नियंत्रण, बैंक एवं शुद्ध कोर पर नियंत्रण, विभिन्न संस्थानों पर नियंत्रण, जनजाति उप योजना का लाभ सीधे ग्राम सभा पर होगी। मौके पर बलराम हेम्ब्रम ने कहा पी पेसा 1996 कानून 29 जुलाई 2024 को माननीय उच्च न्यायालय ने पी पेसा 1996 को 23 प्रावधानों के साथ प्रारूप लाकर लागू करना था पर सरकार की लापरवाही के कारण पी पेसा अभी लागू नहीं किया गया है।
अनुसूचित क्षेत्रों पर विशेष ग्राम सभा को शक्ति प्रदान करने के लिए जोर दें। उन्होंने कहा कि संपूर्ण आदिवासियों का कल्याण अनुसूचित क्षेत्र पर है। अनुसूचित क्षेत्रों में झारखंड सरकार ने षड्यंत्र के तहत 24 वर्षों तक में भी लागू नहीं किया। अभी लागू किया है मगर सिर्फ पेसा कानून लागू किया है। हम झारखंड सरकार से मांग करतें हैं की पी पेसा कानून लागू करे नहीं तो आदिवासी समुदाय बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि पी पेसा के 23 प्रवधानों के साथ ऊपरी स्तर पर पी पेसा अधिनियम 4 (ओ) के तहत स्वशासी जिला परिषद और धारा 4 (एम) के तहत 7 प्रवधानों को निचले स्तर पर विशेष ग्राम सभा की शक्ति लागू नहीं करता है तो हम आदिवासी समुदाय जन आंदोलन का निर्माण करेंगे एवं सरकार को विशेष चेतावनी देने का काम करेंगे। सिदयू गागराई ने कहा पी पेसा 1996 को अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासी मूलवासी को मलिकाना हक दिलाता है। हमें अनुसूचित क्षेत्र में झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 नहीं चाहिए यह असंवैधानिक है और नगर पालिका कानून भी अनुसूचित क्षेत्र के लिए असंवैधानिक है। बैठक में कंसारा, दुमकादा, चिंटीगदा, लखीरामसाई, भरंडिया, बोदरासाई, सामड साई, तुंटिया साई, महतो देवगांव, भुइयां देवगाव समेत अन्य गांव के मानकी मुंडा एवं ग्रामीण उपस्थित थे जिसमें मुख्य रूप से शिवराम सरदार, जुनुल बोदरा, रामराय मुंडा, सुरेश गागराई, मंगल सामड, विनय कंडुलना, सलूका गागराई, लखन गागराई, जुदरू हेम्ब्रम समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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