आ... का...मा... बोई..., पान गुआ थोई के उच्चारण के साथ कार्तिक माह सम्पन्न
संक्षेप: सोनुवा में ओडिआ समुदाय की महिलाओं ने कार्तिक पूर्णिमा पर नदी-तालाबों में नावों का विसर्जन किया। इस अवसर पर पवित्र स्नान, पूजार्चना और दीप दान भी किया गया। ओडिया संस्कृति से जुड़े 'आ... का...मा... बोई...' गीत के साथ रंगोली सजाई गई और लजीज पीठ बनाए गए। यह प्राचीन परंपरा ओडिशा की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
सोनुवा। आ... का...मा... बोई..., पान गुआ थोई, पान-गुआ तोर मासको धर्म मेरो इस उच्चारण के साथ ओडिआ समुदाय के महिलाओं ने नदी-तालाबों में नाव को विसर्जित किया। इसके साथ ही एक माह से चली आ रही पवित्र कार्तिक माह व पिछले पांच दिनों से चली आ ही पवित्र पंचक सम्पन्न हो गया। इससे पूर्व सोनुवा में महिलाओं ने संजय नदी के अलावा तालाबों में बुधवार अहले सुबह पवित्र स्नान कर पानी में नाव विसर्जित करते हुए मंदिरों में पूजार्चना किया। जहां एक ओर ओड़िया समुदाय के महिलाओं ने नदी-तालाबों में नाव विसर्जित किया, वहीं अन्य समुदाय के महिलाओं ने पानी में दीप दान किया।

कार्तिक पूर्णिमा को लेकर सभी घरों में सुंदर रंगोली से सजाया गया था। पूर्णिमा को लेकर घरों में लजीज पीठ बनाये गये है। आ... का...मा... बोई... उदघोष ओडिया संस्कृति और परंपरा से जुड़ा एक गीत है, जो प्राचीन समय में ओडिया व्यापारियों की समुद्री यात्राओं के बारे में वर्णन करता है। प्राचीन काल में ओडिशा के व्यापारी कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूजा अर्चना कर मानसून की वापसी हवा के साथ नाव में सवार होकर इंडोनेशिया के बाली, सुमात्रा द्वीपों में व्यापार करने जाते थे। यह गीत कार्तिक महीने के दौरान बहुत लोकप्रिय हैं। यह गीत ओडिशा की सदियों पुरानी संस्कृति और इतिहास का एक हिस्सा है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




