
झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान की हुई बैठक
चक्रधरपुर में झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान की बैठक हुई। पूर्व विधायक बहादुर उरांव ने बताया कि 07 अक्टूबर 2025 को धरना दिया जाएगा और राष्ट्रपति को विभिन्न मांगों से संबंधित पत्र भेजा जाएगा। प्रमुख मांगों...
चक्रधरपुर।गैर राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखण्ड पुनरुत्थान अभियान की एक आवश्यक बैठक झारखण्ड आन्दोलनकारी पूर्व विधायक बहादुर उरांव के आवास पर अभियान के जिला अध्यक्ष नारायण सिंह पुरती की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सबसे पहले पूर्व आईएएस झारखण्ड के प्रथम महालेखाकार बेंजामिन लकड़ा के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया। उसके उपरांत चार प्रस्ताव पर चर्चा कर प्रस्ताव पास किया गया। उन चारों पारित प्रस्ताव पर विचार रखते हुए झारखण्ड आंदोलनकारी पूर्व विधायक बहादुर उरांव ने कहा आगामी 07 अक्टूबर 2025 को झारखण्ड पुनरुथान अभियान के तत्वाधान में सदर अनुमंडल पदाधिकारी चाईबासा के समक्ष धरना देने के बाद महामहिम राष्ट्रपति को विभिन्न मांग से संबंधित पत्र सौंपी जाएगी।
जिसमें उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार सारंडा आरक्षित वन क्षेत्र में वन्य अभयारण्य स्थापित करने के लिए झारखण्ड सरकार द्वारा उन क्षेत्रों के निवासियों के साथ आयोजित सुनवाई से उत्पन्न असमंजस, चिह्नित झारखण्ड आंदोलनकारियों के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरी में नियुक्ति, सी एन टी/एस पी टी की जमीन पर दखल कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद् आविष्कारक सोनम वांगचुक को बिना शर्त रिहा करने का मांग शामिल किया जाएगा। बैठक में सन्नी सिंकु,अमृत माझी,शैली शैलेंद्र सिंकु,मंगल सरदार,बिरसा गोप,सहदेव महतो उपस्थित थे।

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