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युवा और पुरुष रात में मशाल जला हाथी के प्रवेश के रास्ते पर कर रहे पहरेदारी

युवा और पुरुष रात में मशाल जला हाथी के प्रवेश के रास्ते पर कर रहे पहरेदारी

संक्षेप:

चक्रधरपुर के कोल्हान जंगल से यमराज बना गजराज चाईबासा वन क्षेत्र में पहुँच गया है। ग्रामीणों में दंतैला हाथी का खौफ है, जिसके चलते वे रात भर जागते हैं। वन विभाग ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। खेती का कार्य भी प्रभावित हो रहा है क्योंकि किसान धान की फसल तैयार नहीं कर पा रहे हैं।

Jan 10, 2026 02:25 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चक्रधरपुर
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चक्रधरपुर, संवाददाता यमराज बना गजराज कोल्हान जंगल से निकल चाईबासा वन क्षेत्र में कूच कर गया है। वहां भी तांडव मचाने लगा है। वहीं, कोल्हान जंगल में रहनेवाले ग्रामीणों में अब भी दंतैला हाथी का खौफ देखा जा रहा है। लोग पिछले नौ दिनों से रतजगा कर रहे हैं। दिन में जंगल जाने से बच रहे हैं और शाम होते सुरक्षित ठिकाने पर पहुंच जा रहे हैं। वन विभाग ने भी ग्रामीणों को रात्रि में स्कूल में रहने की सलाह दी है। जिस कारण लोग गांव के स्कूल में चले जा रहे हैं। वहीं, युवा और पुरुष रात में मशाल जला हाथी के घुसने वाले रास्ते पर पहरेदारी कर रहे हैं।

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वन विभाग भी उनकी मदद कर रहा है। वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ मिलकर रात्रि में क्षेत्र में गश्त कर रही है। विभाग द्वारा ग्रामीणों को पटाखे, टॉर्च समेत अन्य संशाधन मुहैया कराया जा रहा है। जिससे कि हाथी दिखने पर उसे जंगल खदेड़ कर ग्रामीण खुद की सुरक्षा कर सकें। गुरुवार की रात्रि कोल्हान वन क्षेत्र के सरबिल, लाजोरा, बुरुहुंदुर, कुला चौक, रेंगालबेड़ा आदि इलाके में हाथी आने की अफवाह के बाद वन विभाग की टीम ने रात्रि में गश्त की, पर हाथी का पता नहीं चला। अफवाह से बचने की सलाह : वन विभाग की टीम एक ओर जहां ग्रामीणों को रात्रि में सुरक्षित स्थल पर रहने और घरों से नहीं निकलने की सलाह दे रही है, वहीं हाथियों से सुरक्षित रहने के लिए जागरूक भी कर रही है। ग्रामीणों के बीच पटाखे आदि का वितरण किया जा रहा है। अफवाह पर ध्यान नहीं देने की सलाह दे रही है, ताकि क्षेत्र में स्थिति न बिगड़े। ठप है खेती का कार्य : जिले के ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण भगवान भरोसे खेती होती है। अच्छी और समय पर बारिश होने पर धान की फसल होती है। इस साल भी धान की फसल अच्छी हुई है। अधिकतर किसान खेतों से धान काट कर खलिहान में रखे हैं और धान को तैयार करने में जुटे थे। लेकिन, पिछले नौ दिनों से दंतैल हाथी के खौफ से ग्रामीण इलाके खासकर गोईलकेरा, टोंटो, हाटगम्हरिया समेत आसपास में खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान धान तैयार नहीं कर पा रहे हैं।