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जांच में खुलासा, बच्ची को स्कूल में नहीं कराया गया था नील डाउन

चक्रधरपुर के संत जेवियर इंग्लिश मीडियम स्कूल में 6 सितंबर को कक्षा एक की बच्ची को नील डाउन कराने के मामले का खुलासा जांच में हो गया। बच्ची को स्कूल में नील डाउन नहीं कराया गया था। बच्ची के घुटने में स्कूल आने से पहले ही चोट लगी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल के फादर जॉनी पी देवस्या ने जांच पड़ताल करायी।

इसके बाद शिक्षकों के समक्ष मंगलवार को स्कूल में प्रेस वार्ता की। जहां शिक्षकों की मौजूदगी में पत्रकारों व अन्य को 6 तारीख की सुबह सात बजे से दिन के डेढ़ बजे तक मिनट टू मिनट की रिकॉडिंग दिखायी गई। इसमें यह सामने आया कि बच्ची को स्कूल में नील डाउन कराया ही नहीं गया था।

मामले से स्कूल प्रबंधन द्वारा अधिकारियों को अवगत करा दिया गया। बता दें कि कक्षा एक में पढ़ने वाली एक छात्रा को स्कूल में नील डाउन कराने जाने से लगी चोट के मामले में बच्ची की मां ने थाना में शिकायत की थी, इसके बाद मामले की जांच पड़ताल की गई।

कई बार बुलाने पर भी नहीं पहुंची बच्ची की मांसंत जेवियर स्कूल के फादर द्वारा बच्ची की मां को कई बार स्कूल आने को कहा गया, लेकिन खुद को व्यस्त बताते हुए स्कूल नहीं आयी। उक्त बच्ची की मां अनुमंडल कार्यालय में वरीय पद पर कार्यरत हैं। मुझे पहले दी जानी चाहिए थी जानकारीसंत जेवियर स्कूल में प्रेस वार्ता के दौरान फादर जॉनी पी देवस्या ने कहा कि कक्षा एक की जिस बच्ची की मां ने चक्रधरपुर थाना में शिकायत की, उन्हें पहले मुझे या शिक्षकों को जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि मेरे पदभार ग्रहण करने के बाद से स्कूल में कई बदलाव आए हैं।

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  • Web Title:Discovered in the investigation the baby was not made in school Neil Down