Chakradharpur News: मनोहरपुर में भारी बारिश से तबाही, घरों-दुकानों में घुसा पानी
Chakradharpur News: सोमवार को मनोहरपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने भयानक तबाही मचाई है। सुबह 11:45 बजे शुरू हुई बारिश ने शहर के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश से दहशत और नुकसान हुआ है, जिसके चलते पुल जलमग्न हो गए हैं।

Chakradharpur News: मनोहरपुर, संवाददाता। सोमवार को मनोहरपुर और इसके आसपास के इलाकों में कुदरत का भयानक रूप देखने को मिला। सुबह करीब 11:45 बजे शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर दोपहर 3:00 बजे तक लगातार जारी रहा। अचानक हुई इस से बादल फटने जैसी स्थिति ने न केवल शहरी जीवन की रफ्तार रोक दी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी भारी तबाही मचाई है। बारिश का रौद्र रूप सबसे ज्यादा मनोहरपुर शहर के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में देखने को मिला। पोस्ट ऑफिस रोड पर 3 फीट से अधिक पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लोग काफी परेशानी का सामना करते हुए जलभराव के बीच से गुजरने को मजबूर दिखे। पोस्ट ऑफिस रोड स्थित आनन्द सिंह, कृष्णा गुप्ता और सीमा ठाकुर सहित कई अन्य स्थानीय निवासियों के घरों में बारिश का पानी घुस गया। मेन रोड पर स्थित विकास डागा, सुमित डागा और पुनीत पटेल की दुकानों में पानी भर जाने से लाखों के सामान का नुकसान हुआ है। विकास डागा के घर के अंदर 1 से 1.5 फीट तक पानी भर जाने से अंदर रखा सामान पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। रायकेरा गांव के पास मनोहरपुर-रांची नेशनल हाईवे 320 जी पर स्थित दशकों पुराना पुल जलमग्न हो गया और पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। हाईवे के दोनों ओर फैले कई एकड़ खेत पानी में डूबकर नदी जैसे दिखने लगे हैं। रायकेरा और आसपास के ग्रामीणों में भारी दहशत है। कम समय में हुई अत्यधिक बारिश से कई कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
बाढ़ का खतरा
जर्जर पुलों व नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा : बारिश के बाद मनोहरपुर क्षेत्र पर एक साथ कई संकट मंडरा रहे हैं। रायकेरा स्थित पुरानी पुलिया के ऊपर से लगातार बहते पानी के कारण इसके ढहने या क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। जबकि कोयल नदी का बड़ा पुल जोखिम में मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुका कोयल नदी का बड़ा पुल भी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। कोयना और कोयल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण शहर के निचले हिस्से, विशेषकर इंदिरानगर इलाके में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है。


