सोनुवा में आदिवासियों ने निकाली जनाक्रोश रैली

सोनुवा में आदिवासियों ने निकाली जनाक्रोश रैली

संक्षेप:

सोनुवा में आयोजित आदिवासियों की जन आक्रोश रैली में कई नेताओं ने कुड़मी/महतो की आदिवासी पहचान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ये लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं और कुड़मी/महतो को आदिवासी बनकर आरक्षण...

Oct 19, 2025 02:04 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चक्रधरपुर
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सोनुवा, संवाददाता। कुड़मी/महतो आदिवासी नहीं, यह बहुरुपिया है। कुड़मी/महतो कई राज्यों में रहते हैं। जिस राज्य में रहते हैं उनका भाषा-संस्कृति बदल जाती है। यह बातें सोनुवा में आयोजित आदिवासियों की जन आक्रोश रैली में पहुंचे कई आदिवासी नेताओं ने कही। रैली के बाद सोनुवा के निश्चिंतपुर मैदान में आयोजित सभा में बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ चाम्पिया, रांची से आयी ज्योत्सना केरकेट्टा, झारखंड आंदोलनकारी बिरसा मुंडा, डॉ. दिनेश बोयपाई, उदय चन्द्र पूर्ति, सुभाष कुंकल, इंद्रजीत सामड, शशि पन्ना, डॉ. रीना गोडसोरा मुर्मू, मनोज सोय, नीमा लुगुन, महेंद्र जामुदा, रिआंस समद समेत दर्जनों नेताओं के अलावा सैकड़ों गांव के मुंडा, मानकी, डाकुवा उपस्थित हुए।

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सभी ने अपने संबोधन में कुड़मी/महतो द्वारा आदिवासी बनकर एसटी आरक्षण का लाभ लेने की मांग का पुरजोर विरोध किया। नेताओं ने कहा आदिवासी जंगल छोड़ा है तीर धनुष नहीं है। जरूरत पड़ने पर उसका भी इस्तेमाल आंदोलन में किया जाएगा। कहा कि आदिवासियों ने अंग्रेजों को भगाया था, अब हक-अधिकार छीनने पर कुड़मी/महतो को भी राज्य से भगायेंगे। कहा कि दुख तकलीफ में हम आपको साथ देंगे पर अधिकार छीनने कभी नहीं देंगे। रैली व जन आक्रोश सभा का आयोजन आदिवासी समन्वय समिति मनोहरपुर विधानसभा के बैनर तले किया गया था। सभा के दौरान आदिवासी नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम सात सूत्री मांगपत्र बीडीओ सोमनाथ उरांव को सौंपा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोनुवा सीओ अनुज टेटे व थाना प्रभारी शशिबाला भेंगरा महुलडीहा मैदान व निश्चिंतपुर मैदान के बीच गस्त करते नजर आये। सुबह से शाम तक सड़क जाम से परेशान रहे लोग : आदिवासियों की जन आक्रोश रैली के कारण सुबह दस बजे से शाम 6 बजे तक सोनुवा के महुलडीहा से निश्चिंतपुर गांव तक सड़क जाम रही। सड़क पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस वाहनों को दूसरे रास्तों से रवाना किया। वहीं, भारी वाहनों को गोलमुंडा व बालजोड़ी गांव के पास रोक दिया गया। कई पंचायतों से आदिवासियों की हुजूम सोनुवा पहुंची : आदिवासियों के जन आक्रोश रैली को लेकर सोनुवा के सभी ग्यारह पंचायतों के अलावा गोईलकेरा, गुदड़ी, मनोहरपुर, आनंदपुर, चक्रधरपुर, बंदगांव आदि कई प्रखंडों से आदिवासियों का भारी हुजूम रैली के शक्ल में महुलडीहा मैदान पहुंचा। रैली में शामिल महिला व पुरुष हाथों में पारम्परिक हथियार, ढोल-नगाड़े बजाते हुए हाथों में नारों की तख्तियां पकड़ विरोध जताया। आदिवासियों ने लगाया नारा, "दुख तकलीफ में हम आपको साथ देंगे, पर अधिकार छीनने कभी नहीं देंगे" दुख तकलीफ में हम आपको साथ देंगे पर अधिकार छीनने कभी नहीं देंगे, महतो/कुड़मी फर्जी इतिहास बनान बंद करों, अभी तो अंगड़ाई है-आगे लड़ाई बाकी है, आदिवासी विधायक अपने समाज से गद्दारी बंद करों, आपसी भाईचारा तोड़ना बंद करों आदि नारों के साथ आदिवासियों का भारी भीड़ रैली की शक्ल में महुलडीहा मैदान से निकल कर निश्चिंतपुर मैदान की तरफ बढ़े। इससे पूर्व शनिवार सुबह को कुड़मी/महतो के द्वारा आदिवासी (एसटी) बनने की मांग के विरोध में उमड़ी आदिवासियों की भारी हुजुम सोनुवा के महुलडीहा मैदान एकत्रित होकर खूब नारेबाजी की। इसके बाद लाउडस्पीकर में आक्रोश गीत बजाते हुए ढोल-नगाड़े की धुन पर नारेबाजी करते हुए निश्चिंतपुर मैदान पहुंचे। सभी आदिवासी अपने पारम्परिक हथियार धारण किये हुए है। रैली में शामिल आदिवासी महिला व पुरुष हाथों में तख्तियों पकड़ कर नारेबाजी कर रहे है। आदिवासियों की रैली भारी भीड़ उमड़ने के कारण धनतरेस के बाजार में सोनुवा बाजार व मुख्य सड़क पर जाम लग गयी है। इसको संभालने के लिए पुलिस जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अतिरिक्त पुलिस बलों ने संभाला मोर्चा : सोनुवा में आदिवासी जन आक्रोश रैली को लेकर शनिवार अहले सुबह से चाईबासा से आते अतिरिक्त पुलिस बलों के अधिकारी व जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालते हुए शांति बनायी रखी। इस दौरान महुलडीहा मैदान, निश्चिंतपुर मैदान के अलावा सोनुवा मुख्य बाजार, चांदनी चौक, सोनुवा प्रखंड कार्यालय, चेकनाका आदि जगहों पर पुलिस बलों की तैनाती की गई थी।