आत्महत्या रोकथाम पर काम करने की जरूरत
चाईबासा में कोल्हान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया। विभागाध्यक्ष लालती तिर्की ने आत्महत्या रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. धर्मेंद्र रजक ने छात्रों को बताया...

चाईबासा, संवाददाता। कोल्हान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में बुधवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया गया। मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष लालती तिर्की ने बताया कि आज आत्महत्या रोकथाम और हस्तक्षेप पर काम करने की जरूरत है, ताकि आत्महत्या को रोकने में मदद मिले। आत्महत्या की रोकथाम में शैक्षणिक समुदाय में जागरूकता पर ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। इस क्षेत्र में परामर्शदाता और मनोवैज्ञानिक को की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। मनोविज्ञान के विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर धर्मेंद्र रजक ने बच्चों को जानकारी दी कि जीवन बहुत ही महत्वपूर्ण है इसे व्यर्थ न किया जाए। क्योंकि आत्महत्या केवल एक व्यक्तिगत दुखद घटना नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को प्रभावित करती है।
तथा इन्होंने आत्महत्या होने से पूर्व व्यक्ति में शारीरिक तथा मानसिक परिवर्तन होते हैं, उनको पहचानने पर बल दिया। उनका कहना था आत्महत्या करने वाला व्यक्ति में पूर्व से कई लक्षण दिखाई देते हैं, जिस पर अन्य लोगों को ध्यान देने की जरूरत है। इससे हम कई जान बचा सकते हैं। इस अवसर पर मनोविज्ञान के विभाग के टीचिंग असिस्टेंट रघुनाथ ने छात्र तथा छात्राओं को आत्महत्या के कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अस अवसर पर मनोविज्ञान की कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
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