जिले में प्राइवेट डॉक्टरों का वेक्टर बोर्न डिजीज पर हुआ उन्न्मुखिकरण :जिला सीबीडी शशी भूषण महतो
चाईबासा में सिविल सर्जन डॉ. भारती मिंज की अध्यक्षता में प्राइवेट डॉक्टरों के लिए वेक्टर जनित बीमारियों पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। डॉ. मीना कलुन्डिया ने बिमारियों और उनके बचाव के उपायों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने आदिवासी समुदाय में जागरूकता की कमी और मलेरिया के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
चाईबासा। मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. भारती मिंज की अध्यक्षता में जिले के प्राइवेट डॉक्टरों का वेक्टर बोर्न डिजीज को लेकर एक एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला वी.बी.डी पदाधिकारी डॉ. मीना कलुन्डिया ने वेक्टर से होने वाले बिमारियों एवं और उनके इससे बचाव के व्यक्तिगत और सामूहिक उपाय, वेक्टर कंट्रोल मैथड आदि के विषय में बताया।कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. एल.एन. गागराई ने बताया कि आज भी आदिवासी सामुदाय में जागरूकता की कमी के कारण लोगों में बीमारी गंभीर रूप ले रही है। लोग अभी भी पूजा और झाड़-फूंक पर विश्वास करते है. हमें और भी जागरूकता कैम्प लगाने की जरूरत है।डा,
बलराम मांझी टोंटो ने मलेरिया को लेकर सजग रहने की बात कही। उन्होंने बताया कि मरीज एनेमिक होने पर मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए सभी मरीजों का हिमोग्लोबिन जाँच जरुरी है। जिला वी.बी.डी. सलाहकार शशि भूषण महतो ने जिले में वेक्टर जनित रोगों की स्थिति पर चर्चा किया एवं त्वरित जाँच एवं पूर्ण उपचार पर जोर दिया. अक्सर क्षेत्रों में देखा जाता है लोग पूरा उपचार नही करवाते है और पूर्ण इलाज न होने पर बीमारी गंभीर हो जाती है।कसुरजीत गोयल, पिरामल फाउंडेशन द्वारा बताया गया कि गांव स्तर पर साप्ताहिक सफाई कर मच्छर के स्रोतों का उपचार कर प्रजनन को रोकने से बीमारी को ख़त्म किया जा सकता है साथ ही सभी लोगों को मच्छरदानी में सोने और पुरे कपडे पहनने की सलाह दें.। अहसन फारूक ( भी बी डी टेक्निकल सुपरवाइजर ) ने मलेरिया धनात्मक रोगियों का पूर्ण उपचार तथा नेशनल ड्रग्स पॉलिसी के विषय पर चर्चा किया। बैठक में जिले के आई. एम. ए. प्रतिनिधि के साथ प्राइवेट प्रैक्टिशनरों ने भाग लिया I
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