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हाथियों ने कई घरों को किया ध्वस्त, जान बचाकर भागे ग्रामीण

हाथियों ने कई घरों को किया ध्वस्त, जान बचाकर भागे ग्रामीण

संक्षेप:

जगन्नाथपुर के बीचाबुरु जंगल में जंगली हाथियों ने दहशत फैला दी है। हाथियों के झुंड ने तिरिलपी और आसनपाट गांव में कई घरों को तोड़ दिया, जिससे ग्रामीण बेघर हो गए। इससे एक सप्ताह पहले एक युवक की भी हाथियों द्वारा जान ली गई थी। वन विभाग की उदासीनता से ग्रामीण परेशान हैं।

Dec 19, 2025 07:11 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चाईबासा
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जगन्नाथपुर, संवाददाता। हाटगम्हारिया प्रखंड क्षेत्र के बीचाबुरु जंगल में डेरा जमाए जंगली हाथियों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। गुरुवार की मध्यरात्रि को हाथियों के झुंड ने कुसमुण्डा पंचायत के तिरिलपी गांव (टोला सोसोपी) तथा आसनपाट के चकधर साई में तांडव मचाते हुए कई घरों को ध्वस्त कर दिया, जिससे ग्रामीण बेघर हो गए। जानकारी के अनुसार, पहली घटना रात लगभग 12 बजे तिरिलपी गांव में घटी, जहां हाथियों ने कृष्णा सामड के घर को तोड़ दिया। इसके बाद रात करीब 1 बजे आसनपाट के चकधर साई एवं राईका साई गांव में हाथियों ने हमला कर तीन घरों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।

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गनीमत रही कि सभी ग्रामीण समय रहते जान बचाकर भागने में सफल रहे। एक सप्ताह पूर्व एक युवक की ली थी जान उल्लेखनीय है कि इससे एक सप्ताह पूर्व ही समीपवर्ती गांव सादम साई में जंगली हाथियों ने राजू पूर्ति नामक युवक को कुचलकर मार डाला था। लोग अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि हाथियों के ताजा हमलों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जंगली हाथियों की संख्या लगभग 30 बताई जा रही है, जिनमें चार शावक भी शामिल हैं। यह झुंड बीचाबुरु जंगल में अपना स्थायी ठिकाना बना चुका है। घटना की सूचना सामेकित जन विकास केंद्र के पंचायत को-ऑर्डिनेटर विक्रांत दास ने मझगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक निरल पूर्ति को दी, लेकिन उन्होंने वन विभाग को सूचित करने की बात कही। 24 को नुकसान के आकलन को होगी बैठक : दास पंचायत को-ऑर्डिनेटर विक्रांत दास ने बताया कि 24 दिसंबर को जंगली हाथियों से निपटने तथा हुए नुकसान के आकलन को लेकर एक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में पारित प्रस्ताव को मुआवजे के लिए वन विभाग को सौंपा जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगली हाथियों के लगातार हमलों के बावजूद वन विभाग पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। हाथियों से बचाव के लिए न तो पटाखे और टॉर्च उपलब्ध कराए जा रहे हैं और न ही विभागीय अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।