Hindi NewsJharkhand NewsChaibasa NewsWild Elephants Cause Destruction in Jagannathpur Schools and Homes Damaged
हाटगम्हरिया : जंगली हाथियों ने विद्यालय व तीन घरों को किया क्षतिग्रस्त

हाटगम्हरिया : जंगली हाथियों ने विद्यालय व तीन घरों को किया क्षतिग्रस्त

संक्षेप:

गुस्से में गजराज का लोगो लगाएं 20 जंगली हाथी पांच अलग-अलग समूहों में बंटकर गांव

Jan 11, 2026 12:16 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चाईबासा
share Share
Follow Us on

जगन्नाथपुर। पश्चिमी सिंहभूम के हाटगम्हरिया और आसपास के क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की रात हाटगम्हरिया प्रखंड के केंदपोसी गांव में एक बार फिर जंगली हाथियों के झुंड ने तीन स्कूल भवनों के साथ तीन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। बताया गया कि झुंडमें 20 जंगली हाथी थे जो बाद में पांच अलग–अलग समूहों में बंटकर देर रात आबादी वाले इलाके में गांव में घुस गये। हाथियों के झुंड ने गांव में जमकर उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। सबसे पहले हाथियों ने उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय दुनुमगुटू को निशाना बनाया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

विद्यालय के रसोईघर और चावल भंडारण कक्ष को तोड़कर वहां रखा गया बच्चों का मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का चावल पूरी तरह से चट कर लिया। विद्यालय भवन को भारी क्षति पहुंची है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद हाथियों ने गांव के तीन घरों पर हमला किया। घरों के दरवाजे तोड़ दिए गए और अनाज को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं, स्टेशन कॉलोनी में भी हाथियों ने जमकर तांडव मचाया। स्टेशन कॉलोनी निवासी राजकुमार सिंकु के घर का दरवाजा तोड़ दिया गया, जबकि बड़कुवार सिंकु के मकान को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त करते हुए दरवाजा तोड़ डाला गया। यहां से हाथियों ने दो बोरा चावल और धान खा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार–पांच दिनों से हाथियों का दल गांव के आसपास सक्रिय है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है। न तो हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई है। लगातार हो रहे हमलों से गांव के लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेजने तथा क्षतिग्रस्त घरों और विद्यालय के लिए शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।