Chaibasa News: जंगली हाथियों के झुंड ने डुमरजोवा गांव में चार घरों को तोड़ा
Chaibasa News: नोवामुंडी के डुमरजोवा गांव में 14 से 15 जंगली हाथियों का झुंड गुरुवार रात 8:30 बजे गांव में घुस गया। हाथियों ने चार घरों को तबाह कर घरेलू सामान को नुकसान पहुँचाया। ग्रामीण दामू पुरती और उसका परिवार जोजोकबीर गांव में भागने में सफल हो गए हैं। वन विभाग की टीम हाथियों को देखकर लौट गई।

Chaibasa News: नोवामुंडी,संवाददाता। नोवामुंडी के बड़ापासेया पंचायत के डुमरजोवा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि 14 से 15 जंगली हाथियों की झुंड ने गुरुवार रात करीब 8:30 बजे डुमरजोवा गांव में प्रवेश कर चार घरों को निशाना बनाया। दामू पुरती, सुरीन सिंकु,सु खराम सिंकु और गारदी सिंकु के मकान को तोड़कर घर में रखे आनाज को खा गया। जंगली हाथियों की झुंड आने की खबर मिलते ही दामू पुरती ने पत्नी व दो बेटों को लेकर जोजोकबीर गांव भागने में सफल रहे।हाथियों ने दामू पुरती के तीन कमरे की मकान को पूरी तरह से तोड़कर घरेलू सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया।खस्सी,मुर्गे,बत्तक मकान के दीवार से दबकर मर गए।वह
अब चार सदस्यीय परिवार वालों के साथ जोजोकबीर गांव में अपने रिश्तेदार रासिका लागुरी के घर में शरण लिया हुआ है।सुरीन सिंकु के मकान के अगले हिस्से को तोड़ कर घरेलू संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।धान,देगची बर्तन,साइकिल दीवार के मिट्टी से दब गया है।सुखराम सिंकु के छत की अल्वेस्टर को तोड़ दिया है।गारदी सिंकु के घर के दरवाजे और खड़की को उखाड़ कर फेंक दिया गया। डुमरजोवा गांव के मधु सिंकु ने बताया कि जंगली हाथियों की झुंड पिछले एक सप्ताह से आसपास के जंगल में शरण लिए हुए हैं।प्रत्येक दिन शाम होते ही जंगली हाथियों की झुंड गांव में प्रवेश कर मकानों को तोड़ने के बाद घरेलू सामानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।खेतों के फसलों को भी रौंदकर नष्ट करने लगे हैं।बताया कि गुरुवार देर रात को ग्रामीणों की सूचना पर जगन्नाथपुर से वनकर्मियों की टीम डुमरजोवा गांव पहुंचे हुए थे।वन विभाग की टीम हाथियों की झुंड देखकर लौट गए।घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह दोबारा आकर टूटे मकानों की तस्वीर उतार कर चले गए।


