पद्मावती जैन सरस्वती विद्या मंदिर जगन्नाथपुर में मना विजय दिवस
जगन्नाथपुर के पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में विजय दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त एसआई अशोक बकला और प्रधानाचार्य अरविन्द कुमार पाण्डेय ने भारतीय सेना के साहस और बलिदान को छात्रों के सामने रखा। 16 दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान युद्ध में जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

जगन्नाथपुर, संवाददाता। पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जगन्नाथपुर में मंगलवार को विजय दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त एसआई अशोक बकला एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविन्द कुमार पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से पूर्व सैनिक को अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की भावना को विस्तारपूर्वक छात्रों के समक्ष रखा। प्रधानाचार्य अरविन्द कुमार पाण्डेय ने कहा की 16 दिसंबर 1971 सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास की वह गौरवशाली दास्तान है जिसे पढ़ते हुए आज भी रगों में रोमांच दौड़ जाता है।
16 दिसंबर जिसे विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की निर्णायक जीत का प्रतीक है, जिसके परिणाम स्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। कार्यक्रम का संचालन मिठू कुमारी एवं सोनाली ने किया।
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