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आदिवासी हो समाज ने एकता व अखंडता का दिया संदेश

आदिवासी हो समाज ने एकता व अखंडता का दिया संदेश

संक्षेप:

चाईबासा में आदिवासी हो समाज युवा महासभा द्वारा उपरूम-जुमूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह की शुरुआत पारंपरिक बोंगा-बुरू के साथ हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक संस्कृति से जोड़ना और समाज की एकता को सशक्त करना है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए लोगों को सम्मानित किया गया।

Jan 12, 2026 02:51 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चाईबासा
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चाईबासा, संवाददाता। आदिवासी हो समाज युवा महासभा के तत्वावधान में स्थानीय आईटीआई मैदान में आयोजित उपरूम-जुमूर (मिलन समारोह) कार्यक्रम रविवार को हुआ। कार्यक्रम का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाज से हुई बोंगा-बुरू और गोवारि के साथ से शुरुआत की गई। मंच की ओर से सामूहिक रूप से सिंहबोंगा के नाम से गोवारि भी किया गया। कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, सहित राज्य के अन्य जिला और ओडिशा, बंगाल, छत्तीसगढ़, असम, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी हो आदिवासी काफी संख्या में पहुंचे थे। जिसमें मुख्य रूप से खरसावां विद्यायक दशरथ गागराई, ओडिशा के डीएसपी देवेन्द्र नाथ पिंगुवा, टाटा स्टील फाउंडेशन से शिवशंकर कांडेयांग, आनंद बोयपाई, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई एवं विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुये।

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पारंपरिक बोंगा-बुरू के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम : यह आयोजन समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने के उद्देश्य से किया जाता रहा है। कार्यक्रम का प्रारंभ हो समाज की समृद्ध परंपराओं के साथ किया गया। पारंपरिक बोंगा-बुरू की शुरुआत आदिवासी हो समाज महासभा के सतीश सामड के द्वारा किया गया। श्री सामाड ने समाज की रीति-नीति के अनुसार ''सिंहबोंगा'' (कुल देवता) का आह्वान करते हुए बोंगा-बुरू संपन्न किया। इस दौरान समाज की सुख-समृद्धि और कार्यक्रम की सफलता की कामना की गई। समाज के युवाओं को हो पारंपरिक संस्कृति से जोड़ने का प्रयास: उपरूम-जुमूर (मिलन समारोह) का उद्देश्य और प्रयास है कि समाज के युवाओं को समाज की पारंपरिक संस्कृति, भाषा और परंपराओं से जोड़े रखना है। साथ ही प्रयास है कि समाज के युवाओं का आपस में हर प्रकार से परिचय रहे। इन्हें किया गया सम्मानित : भाषा-संस्कृति, कृषि, अपराध नियंत्रण, सामाजिक जागरूकता आदि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में चयनित लोगों को प्रशस्ति-पत्र,पौधा और पारंपरिक वास्त्र देकर विभिन्न अतिथियों के द्वारा सम्मानित किया गया।