Chaibasa News: रांजाबुरु खदान में आर्थिक नाकेबंदी के बीच सेल प्रबंधन ने की वार्ता

हिन्दुस्तान, चाईबासा
Follow us on Google News
share

Chaibasa News: गुवा में सारंडा विकास समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी शुरू हो गई है। मीटिंग में 18 गांवों के मुंडा-मानकी बुलाए गए, लेकिन कई प्रतिनिधि गैरहाजिर रहे। प्रबंधन ने बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का आश्वासन दिया, लेकिन आंदोलनकारी ग्रामीणों ने अपनी मुख्य मांगों पर कार्रवाई न होने का विरोध जताया।

Chaibasa News: रांजाबुरु खदान में आर्थिक नाकेबंदी के बीच सेल प्रबंधन ने की वार्ता

Chaibasa News: गुवा, संवाददाता। सारंडा विकास समिति जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले सेल की गुवा खदान अंतर्गत रांजाबुरु खदान में सोमवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी के बीच गुवा सेल प्रबंधन ने प्रभावित 18 गांवों के मुंडा-मानकी को वार्ता के लिए बुलाया। हालांकि, आंदोलन में शामिल प्रमुख ग्रामीण प्रतिनिधि, मुंडा-मानकी, लागुड़ा देवगम और मुखिया राजू सांडिल समेत कई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं, 12 गांवों के मुंडा एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया। सीजीएम चंद्रभूषण कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में महाप्रबंधक (एचआर) प्रवीण कुमार सिंह, महाप्रबंधक (शिक्षा) अनर्व डे, महाप्रबंधक (ईएंडएल) डॉ. टीसी आनंद, उप महाप्रबंधक (सीएसआर) अनिल कुमार सहित मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में प्रबंधन ने कहा कि पूर्व में 50 बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार देने पर सहमति बनी थी और प्रबंधन अपने निर्णय पर कायम है। इसके लिए सभी मुंडाओं को ग्रामसभा आयोजित कर बेरोजगार ग्रामीणों का चयन करने और सूची ग्रामसभा के पैड पर गुवा थाना प्रभारी के पास जमा करने को कहा गया। थाना प्रभारी को इस प्रक्रिया का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सूची मिलने के बाद चयनित युवाओं को दिसंबर तक रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई। प्रबंधन ने बताया कि फिलहाल 12 ग्रामीणों के नाम प्राप्त हुए हैं, जिनका मेडिकल कराया जाएगा। शेष नाम ग्रामसभा की सहमति के बाद थाना के माध्यम से भेजे जाएंगे। इधर, आंदोलनरत ग्रामीणों का कहना है कि वार्ता के लिए सूचना तो मिली थी, लेकिन उनकी मुख्य मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी जारी है।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsझारखंड न्यूज़चाईबासाChaibasa News: रांजाबुरु खदान में आर्थिक नाकेबंदी के बीच सेल प्रबंधन ने की वार्ता