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शिक्षा राष्ट्र चरित्र गढ़ने की आधारशिला : डॉ. सबिता सेंगर

शिक्षा राष्ट्र चरित्र गढ़ने की आधारशिला : डॉ. सबिता सेंगर

संक्षेप:

चाईबासा में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की झारखंड स्तरीय बैठक 11 जनवरी को वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची में आयोजित की गई। बैठक में 50 से अधिक वरिष्ठ शिक्षाविदों ने भाग लिया। डॉ. सबिता सेंगर ने शिक्षा में भारतीय संस्कृति और मूल्यों के समावेश पर जोर दिया। नई शिक्षा नीति के आलोक में, समन्वय और साझा प्रयासों की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

Jan 14, 2026 02:32 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चाईबासा
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चाईबासा, संवाददाता। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की झारखंड प्रांत स्तरीय बैठक 11 जनवरी को वाईबीएन विश्वविद्यालय, उलातू (नामकुम रिंग रोड के समीप), रांची में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से जुड़े 50 से अधिक वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची की कुलाधिपति एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. सबिता सेंगर ने किया। बैठक में कुलपति डॉ. पीयूष रंजन, सरला बिरला विश्वविद्यालय, रांची के डीन (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. विजय सिंह, वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची के कुलाधिपति डॉ. रामजी यादव, एनआईटी जमशेदपुर के प्रोफेसर डॉ. रंजीत प्रसाद तथा राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद के संस्थापक प्राचार्य डॉ. वासुदेव प्रसाद उपस्थित थे।

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डॉ. सबिता सेंगर ने कहा कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रचरित्र गढ़ने की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षा में भारतीय संस्कृति, संस्कार और मूल्यों के समावेश को समय की आवश्यकता बताया। कुलपति डॉ. पीयूष रंजन ने कहा कि नई शिक्षा नीति के आलोक में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की भूमिका और अधिक प्रासंगिक हो गई है। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के बीच समन्वय, संवाद एवं साझा प्रयासों पर बल दिया। डॉ. विजय सिंह ने शिक्षकों से अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। वाईबीएन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. रामजी यादव ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ना ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है। द्वितीय सत्र में संगठनात्मक चर्चा, प्रवास एवं संपर्क समिति गठन पर विचार-विमर्श हुआ, जबकि तृतीय सत्र में आगामी प्रांतीय एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित की गई। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक किशोर प्रसाद को विद्यालयीन शिक्षा का प्रात संयोजक, प्रोफेसर बीएन प्रसाद को तकनीकी शिक्षा का प्रांत संयोजक, एनआईटी जमशेदपुर के प्रो. आलोक प्रियदर्शी एवं सरला बिरला विश्वविद्यालय के आदित्य वर्मा को तकनीकी शिक्षा का प्रांत सह संयोजक, डॉ. कनिका प्रसाद को एनआईटी जमशेदपुर के संयोजक का दायित्व दिया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुमित कुमार पांडेय ने किया।