कोल्हान बह रुमुल व सांस्कृतिक यात्रा 15 को
चाईबासा में आदिवासी संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए 15 मार्च को खुटकट्टी मैदान में बह पर्व के 10 ताल पर आधारित नृत्य एवं गीत प्रतियोगिता आयोजित होगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय सारील देवगम ने सामाजिक अगुवाओं से भागीदारी का निमंत्रण दिया है। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा।

चाईबासा, संवाददाता। विलुप्त होती हो आदिवासी संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से बह पर्व के 10 ताल पर आधारित नृत्य एवं गीत प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसके लिए कोल्हान बह रुमुल आयोजन समिति द्वारा 15 मार्च को खुटकट्टी मैदान, तांबो कोल्हान बह रुमुल एवं सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल एवं भव्य आयोजन की तैयारियों के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को खुटकट्टी मैदान में हुई। बैठक की अध्यक्षता आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय सारील देवगम ने की। बैठक में ओत गुरु कोल लाको बोदरा के सुपुत्र बिंग विक्रम सिंह बोदरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने हो समाज के पारंपरिक बह पर्व के 10 ताल (गेना, गाड़ूवा, चंगुड़िया, दांवडिया, जापे, जादूर, केंमटा, सार, ले, राचा) के विषय में अपने व्यापक अनुभव एवं ज्ञान को विस्तार से साझा किया।
कार्यक्रम प्रातः 10 बजे शुरू होगा, जिसका समापन रात्रि 8 बजे होगा। आयोजन समिति के अध्यक्ष सारील देवगम ने इस सांस्कृतिक यात्रा को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने की अपील करते हुए कोल्हान क्षेत्र के सभी सामाजिक अगुवाओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों तथा युवा वर्ग से बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का निमंत्रण दिया है। बैठक में सचिव रेयांस सामड, कोषाध्यक्ष सत्यजीत सुंडी संरक्षक बबलू बानरा, मीडिया सचिव विकास उगुरसंडी, श्याम कुदादा, गुरा सिंकू, सन्नी संदीप देवगम, बिरसिंह बानरा, जगबंधु बानरा, कंचनलता गगराई, कोकिमा बोदरा, प्रमिला लगुरी, जेनाराम बानरा, कृष्णा बिरुली सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
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