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रेलवे ने आजाद बस्ती व टाटरा हटिंग को खाली करने का दिया अल्टीमेटम

नोवामुंडी-बड़ाजामदा रेलमार्ग के आजाद बस्ती एवं टाटरा हटिंग निवासियों का गणतंत्र दिवस का उत्साह दूसरे दिन ही उस वक्त फीका पड़ गया, जब गुरुवार को सहायक...

रेलवे ने आजाद बस्ती व टाटरा हटिंग को खाली करने का दिया अल्टीमेटम
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,चाईबासाFri, 28 Jan 2022 03:32 AM

नोवामुंडी, संवाददाता

नोवामुंडी-बड़ाजामदा रेलमार्ग के आजाद बस्ती एवं टाटरा हटिंग निवासियों का गणतंत्र दिवस का उत्साह दूसरे दिन ही उस वक्त फीका पड़ गया, जब गुरुवार को सहायक मंडल अभियंता, डांगुवापोसी की ओर से आजाद बस्ती एवं टाटरा हटिंग बस्ती में रेलवे किनारे बसे परिवारों को 15 दिनों के अंदर जगह खाली करने का नोटिस जारी किया गया। यहां के लोगों को रेलवे विभाग द्वारा गुरुवार को तीसरी बार नोटिस जारी कर रेलवे की अतिक्रमित भूमि को खाली करने का निर्देश जारी किया गया है।

रेलवे द्वारा जारी नोटिस के अनुसार इस रेल मार्ग में पोल संख्या 376/10-30 में बारिश के दिनों में बने आवास की ओर से मिट्टी बहकर ड्रेन होते हुए रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त करती है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ट्रैक सुरक्षा के लिए ड्रेन और गार्डवाल बनाना जरूरी है,जिसके निर्माण के लिए योजना पारित हो चुकी है। इसीलिए झोपड़ियों को हटाया जाना जरूरी है। इस संबंध में असंगठित कामगार कांग्रेस यूनियन के जिला सचिव संदीप दास ने कहा मामले को लेकर सांसद गीता कोड़ा को जानकारी दे दी गई है। यहां पर बस्ती के लोग छह दशकों से अपना गुजर बसर कर रहें हैं। अब लगभग 50 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर रेलवे के प्रोजेक्ट में इस बस्ती की जमीन की उपयोगिता नहीं है तो बस्ती को यथावत रहने दिया जाए। महामारी के इस दौर में लोगो को बेघर करना उचित नहीं है।

बता दें कि इसके पूर्व भी रेलवे की ओर से आजाद बस्ती एवं टाटरा हटिंग के सैकड़ों ग्रामीणों को रेलवे की ओर नोटिस तामिला करा कर उन्हें 15 दिनों के अंदर रेलवे की अतिक्रमित भूमि को खाली करने का आदेश दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों ने तब सांसद गीता कोड़ा से बचाने की गुहार लगाई थी, जिसके आलोक में स्वयं सांसद गीता कोड़ा ने पहुंच कर दोनों बस्ती के लोगों से बातचीत कर उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होने का भरोसा दी थी और उन्हें आश्वासन देते हुए कही थी कि आप लोगों को नोटिस तामिला होने पर भयभीत होने की जरूरत नहीं हैं। हम आपके साथ हैं। इस दौरान सांसद ने नोटिस बांटने वाले रेल कर्मियों को बुला कर उनसे जानकारी ली और ग्रामीणों के बीच ही रेलवे के वरिष्ट अधिकारियों से मोबाइल पर वार्ता कर उनसे इस संवेदनशील मामले में कोई सार्थक पहल किए जाने की मांग की थी। इसके बाद दोनों बस्ती के सैकड़ों परिवारों ने राहत की सांस ली थी। किन्तु गणतंत्र दिवस के दूसरे दिन पुनः रेलकर्मियों द्वारा बस्ती वासियों को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिए जाने से आजाद बस्ती एवं टाटरा हटिंग जैसे स्लम बस्ती के सैकड़ों परिवारों के बीच भय व्याप्त हो गया है।

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