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29 नवंबर, 2020|10:45|IST

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यूरिया की कालाबाजारी से धरतीपुत्र परेशान

यूरिया की कालाबाजारी से धरतीपुत्र परेशान

1 / 2चाईबासा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों यूरिया खाद की घोर कमी हो गयी है। इससे धरतीपुत्र को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा...

यूरिया की कालाबाजारी से धरतीपुत्र परेशान

2 / 2चाईबासा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों यूरिया खाद की घोर कमी हो गयी है। इससे धरतीपुत्र को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा...

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चाईबासा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों यूरिया खाद की घोर कमी हो गयी है। इससे धरतीपुत्र को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समय यूरिया खाद दुकानों में नहीं है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले किसान यूरिया के लिए दुकानों में भीड़ लगा रहे हैं। बीज दुकानों में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान वापस खाली हाथ लौट जा रहे हैं। इधर गांवों में यूरिया की काला बाजारी की खबरें मिल रहीं हैं । झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष सुनील सिरका और कुमारडुंगी के जिला परिषद सदस्य शशिभूषण पिंगुवा ने आरोप लगाया है कि खेती बारी के समय में किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है । कुछ खाद व्यापारी इस कमी का फायदा उठा कर ग्रामीण क्षेत्रों में काला बाजारी कर रहे हैं । इस संबंध में मंगला हाट के चिंता उर्वरक भंडार के संचालक अरुण कुमार ने कहा कि अभी दुकान दारों के पास यूरिया उपलब्ध नहीं है। थोड़ा बहुत जो भी आ रहा है तुरंत बिक जा रहा है। बीच में वाहनों के नहीं आने के कारण खाद बाजार में उपलब्ध नहीं हो पाया । मंगलवार रांची में यूरिया के कई रैक खड़ी हैं। बुधवार को वे विभिन्न स्थानों में पहुंचेगी। जिससे यूरिया खाद की कमी नहीं होगी। दुकानदारों का कहना था कि यूरिया का बैकलपिक के तौर पर डीएपी खाद का व्यवहार करते हैं। कई दुकानों डीएपी का खाद भारी मांत्रा जमा हुआ है। बारिश होने कारण खाद की मांग ज्यादा हो रही है। झारखंड खाद बीज भंडार ने संचालक सुनील साहू ने कहा कि खाद वा वाहन चाईबासा पहुंचने पर यूरिया की कमी नहीं होगी। किसानों यह आसानी से उपलब्ध हो जाएगा।

कृषक निबंधित खाद दुकान से ही खाद खरीदे : एडीएओ

सहायक कृषि पदाधिकारी संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जिला में खाद की समस्या नही है कृषक को अधिकतम एक बोरा तथा न्युनतम 20 के जी तक खाद मिलेगा। उन्होने सभी कृषको को सुझाव दिया है कि वे जहां भी है अपने आस पास के कृषि विभाग से निबंधित खाद दुकान से ही खाद की खरीददारी करें। खाद की खरीददारी जाने से पूर्व अपने पास अपना आधार नंबर अवश्य रखे क्योकि दुकान दार ईपॉस से खाद की विक्री करेगा इसलिये कृषक का आधार नंबर डालना जरूरी होता है। यदि उन्हे कोई समस्या होती है तो अपने प्रखंड के कृषि पदाधिकारी या जिला कृषि को इसकी जानकारी दे दुकानदार पर कार्रवाई की जायेगी।

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  • Web Title:Prithiputra upset due to black marketing of urea