राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिले के 5 लाख बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की दवा
चाईबासा में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर 1 से 19 वर्ष के 4,97,431 बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा दी जाएगी। इसका उद्देश्य आंतों के कृमि संक्रमण से मुक्ति और बच्चों के समुचित स्वास्थ्य एवं विकास को सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने सभी तैयारियाँ पूरी की हैं, और सभी से सहयोग की अपील की गई है।

चाईबासा। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले में व्यापक स्तर पर कृमि नियंत्रण अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले के 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 4 लाख 97 हजार 431 बच्चों, किशोरों एवं किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। अभियान का उद्देश्य बच्चों एवं किशोरों को आंतों के कृमि संक्रमण से मुक्त कर उनके बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डीसी मनीष कुमार ने अभिभावकों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कर्मियों एवं समुदाय के सभी लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र बच्चा या किशोर-किशोरी कृमिनाशक दवा लेने से वंचित न रहे।
कार्रवाई की विस्तार से योजना
निर्धारित तिथि को जिले के 2 हजार, 285 सरकारी विद्यालयों, 2 हजार 341 आंगनबाड़ी केंद्रों, चाईबासा के 19 निजी विद्यालयों, चक्रधरपुर के 44 निजी विद्यालयों और जिले के 49 तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम की तैयारी और प्रबंधन
अभियान के सफल संचालन के लिए व्यापक मानव संसाधन की तैनाती की गई है। दवा प्रशासक के रूप में आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, एएनएम एवं जीएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अभियान की सतत निगरानी एवं अनुश्रवण के लिए सीआरपी, बीआरपी, बीपीओ, लेडी सुपरवाइजर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएमयू यूनिट, डीपीएमयू यूनिट सहित जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मियों की टीम को दायित्व सौंपा गया है।
विद्यालयों में दवा सेवन प्रक्रिया
विद्यालयों में दवा सेवन की प्रक्रिया को सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संपादित करने के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल शिक्षक के रूप में नामित किया गया है, जो बच्चों को दवा सेवन के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करेंगे।
कृमि संक्रमण के दुष्प्रभाव
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ.जूझार माझी ने बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, भूख में कमी, शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण बनता है। एल्बेंडाजोल दवा के नियमित सेवन से इन समस्याओं की रोकथाम संभव है। यह दवा पूर्णतः सुरक्षित, प्रभावी एवं निःशुल्क है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


