
सारंडा के बोंगा मांडा में मकर संक्रांति पर श्रद्धा का सैलाब
गुवा, संवाददाता। मकर संक्रांति के अवसर पर बोंगा मांडा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 15 जनवरी को आदिवासी समाज एवं अन्य समुदाय ने भगवान श्रीराम, माता सीता और वीर हनुमान की पूजा की। श्रद्धालुओं ने करो नदी में स्नान कर सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
गुवा, संवाददाता। सारंडा वन क्षेत्र स्थित बोंगा मांडा स्थल पर मकर संक्रांति के अवसर पर दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 15 जनवरी को आदिवासी समाज एवं अन्य समुदाय के लोगों ने भगवान श्रीराम, माता सीता एवं वीर हनुमान के पवित्र पदचिह्नों पर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने करो नदी में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि रामायण काल में भगवान राम माता सीता एवं लक्ष्मण अपने 14 वर्षों के वनवास के दौरान सारंडा के इसी जंगल क्षेत्र में स्थित बोंगा मांडा में कुछ समय तक ठहरे थे। यहां स्थित पत्थर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण एवं वीर हनुमान के पदचिह्न अंकित बताए जाते हैं, जिन्हें श्रद्धालु अत्यंत पवित्र मानते हैं।
प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर 14 एवं 15 जनवरी को आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। इस पूजा के माध्यम से वे अपने परिवार, गांव तथा पूरे क्षेत्र की रक्षा, सुख-शांति और खुशहाली की कामना करते हैं। बोंगा मांडा में यह दो दिवसीय धार्मिक आयोजन आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना हुआ है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




