नाई विकास मंच ने मकर के महत्व को बताया
चाईबासा में नाई विकास मंच की बैठक जुबली तालाब परिसर में हुई। सदस्यों ने मकर संक्रांति के उपलक्ष में चूड़ा दही तथा तिलकुट खाकर बधाई दी। रमेश प्रमाणिक ने पर्व का महत्व बताया। दीपक ठाकुर ने सभी को कर्पूरी ठाकुर जयंती कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

चाईबासा। नाई विकास मंच,नाई विकास मंच महिला मोर्चा तथा नाई विकास मंच विश्लेषक समिति के पदाधिकारी गण की संयुक्त बैठक जुबली तालाब परिसर में आयोजित हुई। बैठक में सभी सदस्यों ने मकर संक्रांति के उपलक्ष में चूड़ा दही तथा तिलकुट खाकर आपस में एक दूसरे को मकर संक्रांति का बधाई दी । इस मौके पर सभी पदाधिकारी अपने-अपने घरों से खाने के व्यंजन लाकर इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर महिला मोर्चा के संरक्षक रमेश प्रमाणिक ने पदाधिकारी को मकर संक्रांति के संदेश को बताया कि आज ही के दिन भगवान भास्कर उत्तरायण होते हैं आज ही के दिन मां गंगा का मिलन गंगासागर में होता है आज ही के दिन भीष्म पितामह ने अपने प्राण को त्यागे थे।
इसलिए मकर संक्रांति हमारे हिंदू धर्म में आस्था का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति में तिल खाने की परंपरा है तील हमारे शरीर के लिए अत्यंत ही गुणकारी है तील हमारे शरीर को विटामिन डी तथा कैल्शियम की कमी को दूर करता है। अंत में दीपक ठाकुर ने मकर संक्रांति मिलन समारोह में आए सभी पदाधिकारीयों को धन्यवाद दिया। उन्होंने सभी पदाधिकारीयों से आग्रह किया की कर्पूरी ठाकुर जयंती का समय बहुत कम है आप तमाम पदाधिकारी गण तन मन धन से लगकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस कर्पूरी ठाकुर जयंती सह वनभोज कार्यक्रम में आने के लिए प्रेरित करें।

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