मनरेगा कर्मियों के हड़ताल से 62 हजार से अधिक योजनाएं अधूरी
मनरेगा कर्मी 9 मार्च से हैं हड़ताल पर 1 लाख से अधिक मजदूर बेकार

चाईबासा। मनरेगा कर्मियों की हड़ताल के कारण जिले में चल रही मनरेगा की योजनाओं का कार्य पूरी तरीके से बंद हो गया है। इससे न केवल श्रमिक बेकार हुए हैं, बल्कि योजनाएं भी अधूरी रह गई है। जिले के 214 पंचायत में मनरेगा के कार्य प्रगति की गति शून्य हो गई है। मनरेगा का कार्य के बंद होने के कारण इन योजनाओं मैं कार्यरत 1 लाख से अधिक मजदूर बेकार हो गये हैं। यह सारे मजदूर मनरेगा योजनाओं में निबंधित मजदूर हैं। मनरेगा कर्मियों के हड़ताल के कारण इनके सामने भी रोजगार की समस्या उत्पन्न हो गई है। अपने मजदूरी भुगतान में हो रहे विलंब के कारण मनरेगा से जुड़े सभी रैंक के कर्मी हड़ताल पर चले गए।
कर्मियों के हड़ताल पर जाने के कारण जिले में संचालित विभिन्न प्रकार की योजनाओं में ग्रहण लगना शुरू हो गया है। 60 हजार से अधिक छोटी-बड़ी योजनाएं बंद हैं। मनरेगा कर्मी 9 मार्च से ही हड़ताल पर हैं।
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