इस रमजान में 36 वर्षों बाद मिला पांचवां जुम्मा,अलविदा माहे रमजान

Newswrap हिन्दुस्तान, चाईबासा
share

रमजान उल मुबारक का अंतिम जुम्मा पिछले सप्ताह मनाया गया। 36 वर्षों बाद रमजान में पांच जुम्मा पड़ने का अवसर मिला। शहर की चार मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। मौलानाओं ने अलविदाई नमाज पढ़ाई और सामुहिक दुआ की गई। ईद की नमाज के लिए तैयारी पूरी की गई है।

इस रमजान में 36 वर्षों बाद मिला पांचवां जुम्मा,अलविदा माहे रमजान

रमजान उल मुबारक का अंतिम जुम्मा पिछले सप्ताह मान लिया गया था। लेकिन इस बार पांच जुम्मा पड़ जाने से और अंतिम रोजा जुम्मे के दिन होने से दोबारा अलविदा ही नमाज अदा की गई।36 वर्षों के बाद ऐसा अवसर आया कि रमजान में लोगों को पांच जुम्मा नसीब हुआ है। इस बार भी शहर के सभी चारों मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ काफी रही। लोग सुबह 10 बजे से ही मस्जिदों में आना शुरू कर दिए थे। जामा मस्जिद,सदर बाजार मस्जिद,आसरा मस्जिद और मदीना मस्जिद में अलविदाई जुम्मे की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में मौलाना ताहा हुसैन,सदर बाजार मस्जिद में मुफ्ति मो, एहतेशाम, आसरा मस्जिद में मौलाना मो, साजीद मिसवाही और मदीना मस्जिद में मौलाना गुलाम मुस्तफा अंसारी ने नमाज़ पढ़ाई।सभी

मस्जिदों में सामुहिक दुआ भी की गई। इस अवसर पर पूरे दुनिया के साथ अपने देश और झारखंड में खुशहाली,अमन चैन तथा तरक्की की दुआ मांगी गई।शनिवार को ईद की नमाज अदा की जाएगी। इसके लिए ईदगाह समेत सभी पांचों जगहों पर नमाज के लिए पूरी तैयारी मुकम्मल कर ली गई है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।